चहरे पर पिंपल्स और कील मुँहासे ठीक करने के असरदार तरीके

दोस्तों जब भी हमें पिंपल्स/मुँहासे होते हैं तो हम इतने डर जाते हैं कि उन्हें ठीक करने के लिए हम तरह-तरह के उपाय खोजने लगते हैं। विभिन्न प्रकार की दवाओं से लेकर एंटीबायोटिक दवाओं तक, हम न जाने क्या-क्या उपयोग करते हैं। लेकिन कभी-कभी इन उपचारों से लाभ मिलने की बजाय इनके गंभीर दुष्प्रभाव देखने को मिलते हैं। और इसके साथ ही यह ट्रीटमेंट्स इतने महंगे होते हैं की एक आम आदमी इन्हें अफोर्ड नहीं कर पता। तो बेहतर ये है की आप पिंपल्स के लिए घरेलु उपायों का इस्तेमाल करें ताकि आप उन दवाओं के दुष्प्रभावों से बचें रहे।

क्या आप जानते हैं की पिंपल्स कई तरह के होते हैं जैसे की ब्लैकहेड्स, वाइटहेड्स, छोटे पिंपल्स, बड़े पिंपल्स, आदि। पिंपल्स होने के कई कारण होते हैं जिनके बारे में आप में से बहुत कम लोग ही जानते होंगे। आज इस लेख में हम पिंपल्स के बारे में सभी विषयों को कवर करेंगे। और अगर आप इस लेख में बताई गई सभी बातों का ध्यान रखेंगे तो आपका चेहरा बहुत जल्द पिंपल्स से मुक्त हो जाएगा।

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पिंपल्स कितने प्रकार के होते हैं?- Types of pimples in Hindi

Pimples

पिंपल्स से छुटकारा पाने के तरीकों के लिए आपको अपने पिंपल के प्रकार को जानना जरूरी है। हर किसी की त्वचा अलग होती है और सभी त्वचा पर एक जैसे नुस्खे काम नहीं करते। इसलिए आपको यह पता लगाना जरुरी है कि आपको किस तरह के पिंपल्स हैं। पिंपल्स के कुछ निम्नलिखित प्रकार हैं:

ब्लैकहेड्स (Blackheads)

ब्लैकहेड्स, जिन्हें हम कील भी कहते हैं, ये चेहरे पर एक प्रकार के छोटे-छोटे काले धब्बे होते हैं। ब्लैकहेड्स तब होते हैं जब त्वचा के छिद्र अतिरिक्त सीबम (त्वचा के तेल) और मृत त्वचा कोशिकाओं से भर जाते हैं, जिससे वे काले रंग के दिखाई देते हैं।

ब्लैकहेड्स त्वचा की एक आम समस्या है जो चेहरे के किसी भी हिस्से में हो सकते हैं। यह अधिकतर चेहरे, गर्दन, पीठ और छाती में होते हैं। ब्लैकहेड्स आमतौर पर किशोरावस्था (10-19 वर्ष की आयु) में होते हैं, लेकिन ये किसी भी उम्र में हो सकते हैं।

व्हाइटहेड्स (Whiteheads)

व्हाइटहेड्स, जिसे closed comedones के रूप में भी जाना जाता है, यह त्वचा में छोटे, गोल, सफेद जैसे दिखाई देते हैं। व्हाइटहेड्स मुँहासे का एक हल्का रूप है जहां मृत त्वचा की कोशिकाएं और सीबम छिद्रों के अंदर भर जाते हैं और चेहरे पर छोटे-छोटे पिंपल्स बनाते हैं।

ब्लैकहेड्स की तरह, व्हीटहेड्स भी बहुत अधिक तेल और गंदगी के कारण होते हैं जो आपकी त्वचा के छिद्रों को बंद कर देते हैं। व्हीटहेड्स चेहरे में होते हैं खासकर नाक, ठुड्डी, माथे और गाल में। इसके अलावा ये गर्दन, पीठ, छाती और ऊपरी बाजू में भी हो सकते हैं।

पिपुल्स (Papules)

पिपुल्स त्वचा के छोटे-छोटे लाल उभार होते हैं जो काफी कोमल होते हैं। ये त्वचा में अतिरिक्त तेल, बैक्टीरिया, हार्मोन और कुछ दवाओं के कारण होते हैं।

पिपुल्स आमतौर पर हानिकारक नहीं होते हैं, लेकिन अगर समय पर इनका इलाज नहीं किया गया तो ये पिंपल्स में भी बदल सकते हैं।

नोड्यूल्स (Nodules)

नोड्यूल्स मूल रूप से पिंपल्स की तरह होते हैं, लेकिन वे आकार में थोड़े बड़े और अधिक सूजन वाले होते हैं। और क्योंकि ये त्वचा के अंदर ही बढ़ते हैं इसलिए घर पर इनका इलाज़ करना मुश्किल होता है। इन्हें ठीक करने के लिए प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की आव्यशकता होती है।

गांठ (Cystic Pimples)

गाँठ, जिसे सिस्ट भी कहा जाता है, वे आमतौर पर आकार में बड़े, दर्दनाक और खुजली वाले होते हैं। ये त्वचा के भीतर बढ़ते हैं, और कभी कभी इनमें मवाद भी विकसित हो जाता है।

पिंपल्स होने के कारण – Causes of pimples in Hindi

पिंपल्स होने के कुछ मुख्य कारण इस प्रकार हैं:

  • तेल का अधिक उत्पादन (सीबम)
  • बैक्टीरिया
  • मृत त्वचा की कोशिकाएं
  • हेयर फॉलिकल्स में सीबम और मृत कोशिकाओं का जमा हो जाना

पिंपल्स के कुछ अन्य कारण भी हो सकते हैं जैसे:

हार्मोनल असंतुलन (Hormonal imbalance)

पिंपल्स होने का एक बड़ा कारण हार्मोनल असंतुलन है। आपने शायद ध्यान दिया होगा कि आपके मासिक धर्म से ठीक पहले या जब आप ओवुलेट कर रहे हों तो उस दौरान आपको पिंपल्स आने लगते हैं। ऐसा हार्मोनल असंतुलन के कारण होता है।

आपके हार्मोन आपकी त्वचा को कुछ अलग तरीकों से प्रभावित कर सकते हैं। उदहारण के लिए, एस्ट्रोजन (Estrogen) त्वचा में तेल के उत्पादन को बढ़ा सकता है जिससे त्वचा के छिद्र बंद हो जाते हैं और उनमें सीबम और मृत कोशिकाएं जमा हो जाती हैं।

खानपान (Diet)

पिंपल्स का एक कारण ख़राब खानपान भी हो सकता है। जी हाँ, बहुत ज्यादा अस्वस्थ भोजन खाने से भी पिंपल्स हो सकते हैं। प्रोसेस्ड फ़ूड, मीठा, सोडा पॉप, और यहां तक कि मांस मछली खाने से भी त्वचा में मुँहासे निकल सकते हैं।

यदि आपको गलत भोजन करने की आदतें हैं जो मुंहासे या मुँहासे जैसी त्वचा की समस्या पैदा कर रही हैं, तो समय आ गया है कि इन जंक फूड्स को अपने आहार से हटा दें और इसके बजाय एक स्वस्थ खानपान का पालन करें।

तनाव (Stress)

तनाव पिंपल्स का एक बहुत बड़ा कारण है। जब हम तनाव में होते हैं, तो हमारा शरीर कोर्टिसोल नाम का रसायन छोड़ता है जो त्वचा में तेल के उत्पादन को बढ़ाता है और त्वचा को मुंहासे पैदा करने वाले बैक्टीरिया के प्रति अधिक संवेदनशील बनाता है।

प्राकृतिक रूप से पिंपल्स को कैसे दूर करें? – How to remove pimples naturally in Hindi

पिंपल्स को ठीक करने के कई तरीके हैं जो आपकी त्वचा से पिंपल्स को दूर कर सकते हैं और उन्हें रोकने के लिए स्वाभाविक रूप से काम कर सकते हैं।

हाई फाइबर फूड (High Fiber foods)

पिंपल्स को दूर करने के लिए अपने भोजन में फाइबर युक्त आहार शामिल करें। फाइबर आपके पाचन तंत्र के माध्यम से शरीर की गन्दगी (Toxins) को बाहर निकालने में मदद करता है।

फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थों में फल, सब्जियां, साबुत अनाज, नट, बीज, फलियां (जैसे बीन्स) और साइलियम भूसी (इसबगोल) की खुराक शामिल हैं।

जिंक (Zinc)

पिंपल्स को दूर करने के लिए जिंक बेहद जरुरी तत्त्व है। जिंक एक ट्रेस मिनरल (Trace mineral) है जो खराब बैक्टीरिया से लड़कर आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ने में मदद करता है। ये पिंपल्स के इलाज़ में भी काफी प्रभावी है। इसे अक्सर मुँहासे से लड़ने वाली क्रीम में एक घटक के रूप में उपयोग किया जाता है।

कई अध्ययनों में यह पाया गया है कि जिंक की कमी पिंपल्स को बढ़ावा देती है। इसके लिए अपने भोजन में राजमा, अलसी (Roasted Flax Seeds), काजू और सभी दालें शामिल करें। ये सब जिंक के अच्छे स्रोत हैं।

पानी (Water)

शरीर में पानी की कमी भी पिंपल्स का एक प्रमुख कारण है। अगर शरीर में पानी की कमी हो जाये तो इससे डिहाइड्रेशन, हार्मोनल विकार और मेटाबोलिक विकार जैसी समस्याएं हो सकती हैं। और ये त्वचा और शरीर दोनों के लिए बहुत खतरनाक है।

भरपूर मात्रा में पानी पीने से पिंपल्स से छुटकारा पाने में मदद मिल सकती है। पानी पीने से रोमछिद्रों में रुकावट पैदा करने वाले विषाक्त पदार्थों (toxins) बहार निकलते हैं और त्वचा में चमक बानी रहती है। इसके अलावा यह बैक्टीरिया को दूर करने में भी मदद करता है जो आपके चेहरे पर पिंपल्स का कारण बनते हैं।

त्वचा संबंधी आयुर्वेदिक दवा के लिए ये लेख पढ़ें: Divya Kayakalp Vati Uses in Hindi – कायाकल्प वटी के फायदे व नुकसान

पिंपल्स दूर करने के घरेलु उपाय – Home remedies for pimples in Hindi

पिंपल्स को दूर करने के लिए निचे दिए गए कुछ घरेलु उपाय है जो पूरी तरह से कारगर हैं। इन घरेलु उपायों को इस्तेमाल करने के लिए आपको कोई भी पैसा खर्च करने की जरुरत नहीं है। इनको बनाने के लिए इस्तेमाल की गयी अधिकतर सामग्रियां आपके घर में ही मिल जाएँगी। ये सभी उपाय आपकी त्वचा के लिए पूरी तरह से सुरक्षित हैं।

भाप (Steam)

दिन में एक बार अपने चेहरे को भाप देने से पिंपल्स को काफी हद तक ठीक किया जा सकता है। यह आपकी त्वचा के रोमछिद्रों को खोलने में मदद करता है और मुंहासे पैदा करने वाली गंदगी को साफ करता है।

  • एक बर्तन में पानी भरें (धातु के बर्तन का उपयोग न करें, आप खुद को जला लेंगे)
  • अब उसे चूल्हे पर रखें
  • पानी को अच्छे से उबाल लें और चूल्हे को बंद कर दें
  • पानी से भाप निकलने पर उसमें एक माध्यम आकर के निम्बू का रास निचोड़ें
  • अपने सिर को साफ़ तौलिया जैसी किसी चीज़ से ढँक लें
  • तकरीबन 5 मिनट तक भाप लें

ऐसा करने से आपके चेहरे की त्वचा में यदि रोमछिद्र बंद हो चुके हैं तो वे खुल जायेंगे।

ध्यान रखें: पांच मिनट से अधिक समय तक भाप लेने से आपकी त्वचा रूखी हो सकती है, और उसमें जलन या मुंहासे भी हो सकते हैं।

भाप लेने के 5 मिनट बाद क्लींजिंग करना बेहद आव्यशक है। इसके लिए आपको कच्चा दूध और रुई की जरुरत पड़ेगी। क्लींजिंग करने के लिए कच्चे दूध को रूई की मदद से चेहरे पर 5 मिनट के लिए हल्के से लगाएं। कच्चे दूध के अंदर लैक्टिक एसिड होता है जो आपकी स्किन को हाइड्रेट करता है और मृत कोशिकाओं को साफ़ करता है।

घर का बना फेस पैक (Home made face pack)

फेस पैक मुंहासों से छुटकारा पाने का एक आसान तरीका है। बाजार में मिलने वाले फेस पैक इस्तेमाल करने से त्वचा रूखी और कठोर हो सकती है। इसके बजाय, आप अपने किचन में मौजूद सामग्री से अपना खुद का फेस मास्क बना सकते हैं। इसको बनाने के लिए आपको मुल्तानी मिट्टी, गुलाब जल, शहद और हल्दी की जरुरत पड़ेगी।

  • एक छोटी कटोरी में एक चम्मच मुल्तानी मिट्टी लें
  • उसमें दो चम्मच गुलाब जल, एक चम्मच शहद और आधा चम्मच हल्दी को डाल कर अच्छे से मिला लें
  • अब एक रुई की मदद से चेहरे पर जहाँ-जहाँ पिंपल्स हैं, वहाँ ये पेस्ट लगा लें
  • कुछ देर के लिए इसे सूखने के लिए छोड़ दें
  • जब पेस्ट अच्छे से सूख जाये तो अपने चेहरे को पानी से साफ़ कर लें

मुल्तानी मिट्टी त्वचा में अत्यधिक तेल को सोखने का काम करती है जिससे पिंपल्स सूखने लगते हैं और त्वचा काफी ताज़ी महसूस करती है। अगर आपको पिंपल्स के अलावा भी त्वचा की कोई अन्य समस्या है तो आप मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल कर सकते हैं।

  • आधा चम्मच मुल्तानी मिट्टी को ठंडे दूध में मिलाकर अपने चेहरे पर लगाएं
  • इसे 20 मिनट तक लगा रहने दें फिर गुनगुने पानी से धो लें

एक अच्छी त्वचा के लिए आप इसे सप्ताह में तीन बार इस्तेमाल कर सकते हैं।

हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो हमारे चेहरे पर बने दाग धब्बों को कम करने में मदद करते हैं। कई सदियों से लोग चेहरे की खूबसूरती के लिए हल्दी का इस्तेमाल करते आ रहे हैं।

शहद को पिंपल्स के इलाज के लिए एक प्रभावी प्राकृतिक विकल्प के रूप में जाना जाता है। यह एंटीऑक्सिडेंट, खनिज और विटामिन से भरपूर होता है जो त्वचा से सम्बंधित कई समस्याओं को दूर करता है।

गुलाब जल एक बेहतरीन प्राकृतिक स्किन टोनर होता है। इसमें एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो पिंपल्स और मुंहासों को कम करने में कारगर होते हैं।

एलोवेरा (Aloe Vera)

एलोवेरा का उपयोग लंबे समय से मुंहासों के इलाज के रूप में किया जाता रहा है। इसमें मॉइस्चराइजिंग गुण होते हैं जो पिंपल्स को सुखाने में मदद करते हैं। इसके अलावा इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी होते हैं जो पिंपल्स से होने वाली सूजन या लालिमा (Redness) को कम करते हैं।

पिंपल्स के लिए एलोवेरा का इस्तेमाल करने के लिए:

  • सबसे पहले अपने चेहरे को गर्म पानी से साफ कर लें ताकि चेहरे से गंदगी निकल सके
  • इसके बाद, एलोवेरा के पत्ते से एक छोटा सा टुकड़ा काट लें
  • और इसे सीधे अपनी त्वचा पर रगड़ें या इसे अपने चेहरे पर 20 मिनट के लिए लगाकर मास्क के रूप में उपयोग करें

एलोवेरा को कई तरीकों से इस्तेमाल किया जा सकता है। उदहारण के लिए आप एलोवेरा जेल को शहद के साथ मिलाकर सीधे अपने चेहरे पर भी लगा सकते हैं। इसके अल्वा आप एलोवेरा जेल को नींबू के रस के साथ मिलाकर अपनी त्वचा पर हर दिन 10 मिनट तक रगड़ें सकते हैं, जब तक कि आपको परिणाम दिखाई न दें।

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पिंपल्स से कैसे बचाव करें – How to prevent pimples in Hindi

पिंपल्स को आने से रोकने के लिए कई बातें है जो आपको ध्यान में रखनी होंगी जैसे:

  • ज्यादा तला भुना खाने से बचें।
  • त्वचा की साफ़ सफाई में ध्यान रखें।
  • अपनी त्वचा पर बार-बार हाथ न लगाएं। इससे हाथों में मौजूद बैक्टीरिया चेहरे में लग सकते हैं और पिंपल्स का कारण बन सकते हैं।
  • रोज़ाना 3-4 लीटर पानी पिएं।
  • ज्यादा मीठी चीज़ों का सेवन न करें।
  • ज्यादा मेकअप का इस्तेमाल न करें।
  • धूप में ज्यादा देर तक न रहे।
  • रोज़ाना व्यायाम करें।
  • चिंता व तनाव को कम करें।

दोस्तों, पिंपल्स ठीक करने के बहुत सारे तरीके हैं। मार्किट में आपको पिंपल्स हटाने के कई सरे प्रोडक्ट्स भी मिल जायेंगे। लेकिन कई बार पिंपल्स को जल्दी ठीक करने के चक्कर में हम लोग कोई भी प्रोडक्ट्स बिना सोचे समझे सीधे चेहरे पर लगा लेते हैं। जिसके बाद पिंपल्स तो दूर नहीं होते लेकिन त्वचा की दूसरी समस्याएं शुरू हो जाती है।

इसलिए आप अपने स्किन केयर रूटीन के साथ साथ अपने खानपान का भी ध्यान रखें और त्वचा को लेकर ज्यादा तनाव में न रहें। यदि समस्या ज्यादा लगे तो किसी स्किन डॉक्टर (डर्मटॉलॉजिस्ट) से जरूर संपर्क करें।

मुँहासों के बारे में पूछे जाने वाले सवाल – FAQs Related to Pimples

मुँहासे हार्मोन के स्तर (आमतौर पर टेस्टोस्टेरोन), जीन, तनाव के स्तर और खानपान सहित कई कारण से होते हैं।

अधिकतर मुँहासे दर्दनाक होते हैं क्योंकि वे संक्रमित हो सकते हैं और अधिक मवाद पैदा कर सकते हैं और साथ ही वे आपकी त्वचा के नीचे दबाते रहते हैं जिससे उनमे जलन हो सकती है। मुँहासे तबतक नहीं फैलते जबतक की वे संक्रमित न हों।

लड़कियों में 14 से 17 साल और जबकि लड़कों में 16 से 19 साल की उम्र में मुंहासे सबसे आम होते हैं। कुछ लोगों में मुँहासे 20 साल की उम्र तक ठीक हो जाते हैं जबकि कुछ मामलों में ये 30 से 35 वर्ष की आयु तक बने रहते हैं।

कुछ लड़कियां अपने मुँहासों को लेकर काफी चिंता करती हैं। अगर आपके चेहरे पर पिंपल्स हैं, तो उन्हें ढकने के लिए मेकअप न लगाएं इससे वे और भी खराब दिख सकते हैं।

यदि पिंपल्स को निचोड़ा या उसमें कुछ चुभाया जाए तो वे निशान छोड़ सकते हैं।

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