बवासीर को जड़ से खत्म करें – जानें कारण, लक्षण और इलाज

बवासीर एक ऐसी स्थिति है जिसमें आपके गुदा के बाहर या निचले मलाशय की नसें सूज आ जाती हैं। मलाशय हमारी बड़ी आंत का अंतिम भाग होता है जो गुदा की ओर जाता है जहां से मल शरीर से बाहर निकलता है। बवासीर दो प्रकार के होते हैं: अंदरूनी और बाहरी। अंदरूनी बवासीर गुदा या मलाशय में विकसित होता है। जबकि बाहरी बवासीर गुदा के बाहर विकसित होता है।

बवासीर को पाइल्स भी कहा जाता है। यह एक आम समस्या है जो भारत में हर साल लगभग एक करोड़ लोगों को प्रभावित करती है। इसमें सबसे आम बाहरी बवासीर है जो काफी तकलीफदेह होता है। इसमें पीड़ित को दर्द, खुजली और बैठने में काफी परेशानी होती है। बवासीर आमतौर पर उम्र के साथ होता है और 50 वर्ष से अधिक उम्र के आधे से अधिक लोगों को प्रभावित करता है।

बवासीर के लक्षण – Symptoms of Piles in Hindi

बवासीर के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि आपको बवासीर किस प्रकार का है।

अगर आपको अंदरूनी बवासीर है तो आपको निम्नलिखित लक्षण दिखाई दे सकते हैं:

  • मल त्याग करने के बाद मलाशय से खून बहना
  • मल त्याग करते समय गुदा पर गांठ महसूस करना। इसे प्रोलैप्सड भी कहा जाता है।

अंदरूनी बवासीर आमतौर पर दर्दनाक नहीं होता। लेकिन अगर आपको प्रोलैप्स्ड बवासीर है तो यह दर्दनाक और असहज हो सकता है।

यदि आपको बाहरी बवासीर है, तो आपको निम्नलिखित लक्षण हो सकते हैं:

  • गुदा में बहुत अधिक खुजली या जलन
  • गुदा के पास एक या अधिक सख्त या कोमल गांठें
  • मल त्याग करते समय गुदा में दर्द
  • मलाशय से खून बहना

बवासीर काफी परेशानी पैदा करते हैं लेकिन वे जीवन के लिए खतरा नहीं होते और कई मामलों में बिना किसी इलाज़ के ठीक हो जाते हैं।

बवासीर में मल के साथ खून आना सामान्य बात है। लेकिन अगर आपका मल काला है और उसमें से दुर्गंध आ रही है तो यह बवासीर के अलावा किसी और गंभीर बीमारी के कारण हो सकता है जिसकी जांच करवाना बहुत जरुरी है।

बवासीर के कारण – Causes of Piles in Hindi

बवासीर तब होता है जब आपके गुदा के आसपास की नसों पर बहुत अधिक दबाव पड़ता है। बवासीर होने के निम्नलिखित कारण होते हैं:

  • कब्ज होने पर बहुत जोर लगाना
  • लंबे समय तक बैठे रहना, खासकर शौचालय में
  • बवासीर का पारिवारिक इतिहास
  • भारी वस्तुएं उठाना
  • गर्भावस्था
  • कम फाइबर वाले खाद्य पदार्थों का सेवन
  • मोटापा

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बवासीर के घरेलु उपाय – Home Remedies for Piles in Hindi

बवासीर अक्सर बिना इलाज के अपने आप ठीक हो जाता है। दर्द और रक्तस्राव जैसे लक्षण एक सप्ताह या उससे थोड़ा अधिक समय तक रह सकते हैं। इस बीच, आप बवासीर के लक्षणों से राहत पाने के लिए कुछ घरेलु उपचारों का उपयोग कर सकते हैं। यहाँ हमने बवासीर के लिए पांच सबसे प्रभावी घरेलू उपचारों की सूची दी गई है:

नींबू का रास – Lemon Juice for Piles

नींबू का रस अपने एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण बवासीर के लिए सबसे अच्छे उपचारों में से एक है। इसमें सूजन को खत्म करने और बवासीर पैदा करने वाले बैक्टीरिया को मारने की क्षमता होती है। नींबू का रस चाहे ऊपर से लगाया जाए या इसका सेवन किया जाए, यह बवासीर के इलाज में बहुत कारगर होता है।

इसे इस्तेमाल करने के लिए:

  • एक नींबू को निचोड़ें और उसके रस में एक चम्मच शहद मिलाएं।
  • इस मिश्रण को रात को सोने से पहले अपने गुदा पर लगाएं।
  • इसे रात भर छोड़ दें और सुबह धो लें।
  • बवासीर से जल्दी राहत पाने के लिए इस उपाय को रोजाना दो या तीन बार दोहराएं।

इसके अलावा आप नींबू के रस का सेवन भी कर सकते हैं। जिसके लिए आप लगभग एक कप पानी में दो बड़े चम्मच ताजा नींबू का रस डालकर उसे अच्छे से मिला लें। इस मिश्रण को हर दिन नाश्ते से पहले पियें, लेकिन इसे खाने के दौरान या खाने के बाद न लें।

सेब का सिरका – Apple Cider Vinegar for Piles

सेब का सिरका बवासीर के लिए एक बेहतरीन इलाज है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जिसके कारण यह बवासीर को ठीक करने में काफी फायदेमंद होता है। चूंकि यह एक एसिड है, इसे बाहरी रूप से लगाने से सूजन को कम करने और गुदा नहर (Anal canal) के अंदर कुछ दबाव कम करने में मदद मिलती है।

इसे बाहरी रूप से इस्तेमाल करने के लिए:

  • एक साफ़ कटोरे में 2 चम्मच सेब का सिरका लें।
  • अब एक कॉटन की रूई लें और उसे सिरके में अच्छे से भिगो लें।
  • अब इसे सीधे बवासीर वाली जगह पर दिन में दो बार लगभग 15 मिनट तक लगाएं।
  • इस प्रक्रिया तो तब तक करें जब तक कि बवासीर ठीक न हो जाए।

हालांकि सेब का सिरका तकनीकी रूप से एक चिकित्सा उपचार नहीं है, लेकिन इसे इस्तेमाल करने पर बवासीर के लक्षणों को कम करने में असरदार पाया गया है।

एलोवेरा – Aloe Vera for Piles

एलोवेरा एक अद्भुत पौधा है जिसका उपयोग कई प्रकार की बिमारियों को ठीक करने के लिए किया जाता है। एलोवेरा बवासीर के लिए भी काफी अच्छा होता है। यह बवासीर से होने वाले दर्द, जलन, खुजली और सूजन से राहत दिलाने में मदद करता है। इसके अलावा, इसमें एंटीसेप्टिक और रोगाणुरोधी गुण होते हैं जो बवासीर से लड़ने में मदद करते हैं।

इस उपाय को इस्तेमाल करने के लिए:

  • एलोवेरा का एक पत्ता लें और उसके बाहरी हिस्से को छील लें।
  • अब अंदर के भाग का गाढ़ा पेस्ट बना लें।
  • इस पेस्ट को सीधे अपने बवासीर पर (अपनी उंगली या कॉटन बॉल से) लगाएं।
  • 5-10 मिनट के लिए इसे लगा रहने दें और हाथ धो लें।
  • इसे दिन में कम से कम 2 से 3 बार तक दोहराएं।

ध्यान रखें कि आप शुद्ध एलोवेरा का ही इस्तेमाल करें, अन्यथा यह आपकी स्थिति को और खराब कर सकता है।

नारियल तेल – Coconut oil for Piles

बवासीर के गंभीर मामले में, शुद्ध नारियल तेल का उपयोग करना लक्षणों को कम करने का एक शानदार तरीका है। नारियल का तेल खनिजों और विटामिनों से भरपूर होता है जिसमें सूजन-रोधी गुण होते हैं, इसलिए यह सूजन वाले ऊतकों को शांत करने और संक्रमण से लड़ने के लिए बेहद अच्छा है। नारियल का तेल लगाने से बवासीर के कारण होने वाली जलन और सूजन कम हो सकती है, साथ ही खुजली की इच्छा को भी कम करने में मदद मिलती है।

इस उपाय को इस्तेमाल करने के लिए:

  • एक साफ़ रुई को नारियल के तेल से अच्छे से भिगो लें।
  • अब इसे सीधे बाहरी बवासीर पर हलके हाथों से लगाएं।
  • इसे दिन में कम से कम 2 से 3 बार तक लगाएं।

गर्म पानी से स्नान करें – Take Warm Baths for Piles

क्या आप जानते हैं कि गर्म पानी से नहाने से बवासीर के दर्द और खुजली जैसे लक्षणों को कम करने में मदद मिलती है। हां, यह सच है लेकिन तरीका थोड़ा अलग है। आइए जानते हैं इस उपाय का सही तरीके से इस्तेमाल कैसे करें।

  • सबसे पहले, अपने बाथटब में जितना आवश्यक हो उतना गुनगुना पानी भर लें।
  • अब उसमें दो बड़े चम्मच सेब का सिरका मिलाएं।
  • इसके बाद अपने कपड़े उतार कर टब में बैठ जाएं और अपने प्रभावित क्षेत्र को भिगाएं।
  • 10-15 मिनट तक बैठे रहें।
  • अब बाहर निकलकर अपने शरीर और प्रभावित क्षेत्र को अच्छे से सूखा लें।

इस प्रक्रिया को दिन में दो या तीन बार और हर बार शौच करने के बाद करें।

बवासीर से बचाव कैसे करे? – How to Prevent Hemorrhoids in Hindi

कई बार, बवासीर वास्तव में कोई बीमारी नहीं होती, बल्कि खराब मुद्रा में बैठने से या पुरानी कब्ज के कारण होती है। बवासीर को होने से रोकने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप अपने बैठने की मुद्रा को ठीक करें और अपने मल को नरम रखें, ताकि वह आसानी से बाहर निकल सकें। बवासीर से बचने के लिए निचे दिए गए टिप्स को अपनाएं:

  • उच्च फाइबर युक्त भोजन करें: फल, सब्जियां, साबुत अनाज, बीन्स और दाल जैसे उच्च फाइबर वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करें जो कब्ज के साथ-साथ पुरानी कब्ज के कारण होने वाली बवासीर को दूर करने में मदद करते हैं।
  • हर दिन खूब सारा तरल पदार्थ पिएं: याद रखें कि निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) बवासीर के दर्द को और भी बदतर बनाता है, इसलिए हर दिन खूब सारा तरल पदार्थ पिएं। साथ ही, पानी या अन्य तरल पदार्थ मल को नरम रखने में भी मदद करता है, जो कब्ज़ के लिए अच्छा है।
  • शौच करते समय जोर न लगाएं: शौच करते समय मल त्यागने के लिए जोर लगाने से निचले मलाशय में नसों में अधिक दबाव पड़ता है।
  • लंबे समय तक न बैठें: लंबे समय तक बैठे रहना, खासकर शौच के दौरान, गुदा में नसों पर दबाव बढ़ सकता है।
  • तनाव न लें: ज्यादा तनाव लेने से भी बवासीर हो सकता है। तनाव पाचन को धीमा कर देता है, जिससे सूजन, कब्ज और अपच जैसे लक्षण हो सकते हैं। ये सभी लक्षण आगे चलकर बवासीर का कारण बन सकते हैं।
  • शराब का सेवन कम करें: शराब से निर्जलीकरण हो सकता है जो आपके मल को सुखा सकता है और बवासीर की परेशानी को बढ़ा सकता है।
  • व्यायाम करें: बवासीर होने का एक कारण यह भी है कि लोग व्यायाम नहीं करते हैं। व्यायाम कब्ज को रोकने और नसों पर दबाव कम करने में मदद करता है। ऐसे कई प्रकार के व्यायाम हैं जो बवासीर को कम कर सकते हैं जैसे कि साँस लेने का अभ्यास, स्विमिंग, जॉगिंग, आदि। बवासीर से बचने के लिए हफ्ते में तीन बार कम से कम 20 मिनट व्यायाम करें।

बवासीर का इलाज करने का सबसे अच्छा तरीका है अपनी जीवनशैली में बदलाव लाना। उच्च फाइबर युक्त आहार और व्यायाम कब्ज के लक्षणों को दूर करने में मदद करते हैं। हालाँकि, आप कुछ सरल घरेलू उपचारों का पालन करके भी लक्षणों से राहत पा सकते हैं जैसे खूब सारा पानी पीना या गर्म पानी से स्नान करना। अगर इन सभी सावधानियों के बावजूद भी आप लगातार कब्ज से पीड़ित हैं तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

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