Monkeypox: क्या है मंकीपॉक्स, जानें इसके लक्षण, कारण, उपचार और बचाव

दोस्तों, इसमें कोई शक नहीं कि पिछले कुछ दशकों में चिकित्सा विज्ञान ने काफी तरक्की की है। हमने कई जानलेवा बीमारियों के इलाज भी खोज लिए हैं। लेकिन जैसे-जैसे हमारा चिकित्सा विज्ञान तरक्की कर रहा है वैसे-वैसे हमें कई चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। अभी तक कोरोनावायरस पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है कि एक और नए वायरस ने दस्तक दे दी है, जिसका नाम मंकीपॉक्स है।

WHO के आंकड़ों के अनुसार, 92 देशों में मंकीपॉक्स के कुल 35,000 से भी अधिक मामले हैं। इनमें से अधिकतर मामलें यूरोप और अमेरिका में रिपोर्ट किये गए हैं। वहीं, भारत में अब तक मंकीपॉक्स के कुल 9 मामले सामने आए हैं।

यह बीमारी हाल के महीनों में काफी सुर्खियां बटोर रही है, और लोगों को परेशान कर रही है। लेकिन मंकीपॉक्स क्या है? आप मंकीपॉक्स के लक्षणों को कैसे पहचान सकते हैं? क्या इसका कोई इलाज है? इसके कारण क्या हैं? इस लेख में हम इन सभी सवालों के बारे में बात करेंगे।

मंकीपॉक्स क्या है? – What is Monkeypox in Hindi

मंकीपॉक्स एक दुर्लभ बीमारी है जो मंकीपॉक्स वायरस के संक्रमण से होती है। यह वायरस चेचक वायरस के एक ही परिवार का हिस्सा है, लेकिन यह आमतौर पर चेचक से कम गंभीर होता है।

मंकीपॉक्स वायरस ज्यादातर अफ्रीका में पाया जाता है जहां यह इंसानों और जानवरों को संक्रमित कर सकता है। यह किसी संक्रमित जानवर, जैसे बंदर या चूहे के संपर्क में आने से इंसानों में फैलता है। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में निकट संपर्क के माध्यम से भी फैल सकता है, जैसे छूने या खांसने से।

मंकीपॉक्स के विभिन्न प्रकार क्या हैं? – Different Types of Monkeypox in Hindi

मंकीपॉक्स दो अलग-अलग प्रकार के होते हैं: सेंट्रल अफ्रीकन मंकीपॉक्स (कांगो बेसिन) और वेस्ट अफ्रीकन मंकीपॉक्स।

सेंट्रल अफ्रीकी मंकीपॉक्स दोनों में से अधिक खतरनाक है, जिसमें मृत्यु दर 10% तक है। जबकि, वेस्ट अफ़्रीकी मंकीपॉक्स कम घातक है, जिसमें मृत्यु दर लगभग 1% है।

मंकीपॉक्स के लक्षण – Signs and Symptoms of Monkeypox in Hindi

क्या आप जानते हैं कि मंकीपॉक्स होने पर किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? यह बीमारी गंभीर है और जानलेवा भी हो सकती है, इसलिए इसके संकेतों और लक्षणों के बारे में पता होना जरूरी है।

आमतौर पर इस वायरस के संपर्क में आने के बाद, आपको 3 हफ़्ते के भीतर लक्षण विकसित होना शुरू हो जाते हैं। मंकीपॉक्स के शुरुआती लक्षणों में शामिल हैं:

  • बुखार।
  • ठंड लगना।
  • सिरदर्द।
  • मांसपेशियों में दर्द और पीठदर्द
  • थकान।
  • श्वसन संबंधी लक्षण (जैसे गले में खराश, नाक बंद या खांसी)

कुछ दिनों बाद, त्वचा में चकत्ते (रैशेस) निकलने लगते हैं। यह चकते छोटे लाल दाने के रूप में शुरू होते हैं जो मवाद, सीरम या खून से भरे फफोले में बदल जाते हैं। ये फफोले दर्दनाक या खुजलीदार भी हो सकते हैं। अंत में ये फफोले पपड़ी बन जाते हैं और गिर जाते हैं। ऐसा होने में दो सप्ताह से चार सप्ताह तक लग सकते हैं।

कुछ मामलों में, दाने पूरे शरीर में फैल सकते हैं। ये आपके जननांगों जैसे लिंग, अंडकोष, और योनि में फैल सकते हैं या गुदा (बट्टहोल) के पास भी फैल सकते हैं। इसके अलावा यह हाथ, पैर, छाती, चेहरे या मुंह जैसे अन्य क्षेत्रों में भी फैल सकते हैं।

कुछ लोगों में मंकीपॉक्स के कोई लक्षण नहीं दिखते। हाँ, आपने सही पढ़ा। दरअसल, इस वर्ष 2022 में ऐसे कई मामले आएं हैं जिनमें मोनकेपॉक्स से संक्रमित होने वाले कुछ मरीजों में संक्रमण के कई लक्षण नहीं दिखे। यदि आप हाल ही में अफ्रीका या किसी अन्य देश में गए हैं, तो हो सकता है कि आप मंकीपॉक्स के संपर्क में आए हों। इसलिए तुरंत अपना पीसीआर टेस्ट कराएं।

मंकीपॉक्स का पता कैसे चलता है? – How is monkeypox diagnosed in Hindi

मंकीपॉक्स का पता डॉक्टर द्वारा शारीरिक परीक्षण और प्रयोगशाला परीक्षण से किया जाता है। मंकीपॉक्स का पता करना मुश्किल हो सकता है क्योंकि इसके लक्षण चिकन पॉक्स जैसी अन्य बीमारियों से मिलते-जुलते होते हैं। इसलिए सबसे पहले आपका डॉक्टर आपके लक्षणों के बारे में पूछेगा और वे कब शुरू हुए। वह आपके हाल के यात्रा इतिहास के बारे में भी पूछेगा कि आप किन देशों में गए हैं। और क्या आप किसी जानवर के संपर्क में रहे हैं या नहीं।

मंकीपॉक्स का संदेह होने पर आपका डॉक्टर आपके खुले घाव से ऊतक (टिश्यू) का नमूना लेगा और उसे पोलीमरेज़ चेन रिएक्शन (पीसीआर) परीक्षण (जेनेटिक फिंगरप्रिंटिंग) के लिए एक प्रयोगशाला भेजेगा। इसके अतिरिक्त, मंकीपॉक्स वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी का पता लगाने के लिए एक रक्त परीक्षण भी किया जा सकता है।

क्या इसका इलाज किया जा सकता है? – Can Monkeypox be Treated in Hindi?

मंकीपॉक्स का विशेष रूप में कोई उपचार नहीं है, लेकिन लक्षणों का इलाज किया जा सकता है। इसके लक्षण 2 से 4 सप्ताह तक रहते हैं और ज्यादातर लोग बिना इलाज के अपने आप ठीक हो जाते हैं। लेकिन गंभीर मामलों में, मरीजों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होने की भी आवश्यकता हो सकती है।

वर्तमान में, इस वायरस का कोई खास इलाज नहीं है। हालांकि, मंकीपॉक्स और चेचक के वायरस आनुवंशिक रूप से समान होते हैं, जिसका अर्थ है कि चेचक के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एंटीवायरल दवाओं का उपयोग मंकीपॉक्स के इलाज के लिए भी किया जा सकता है।

मंकीपॉक्स वायरस से खुद को कैसे बचाएं? – How to prevent yourself from Monkeypox in Hindi?

जैसा कि हम जानते हैं कि मंकीपॉक्स का विशेष रूप से कोई इलाज नहीं है और इसे रोकने के लिए कोई टीका उपलब्ध नहीं है। हालांकि, कुछ चीजें हैं जिनका पालन करके आप इस वायरस की चपेट में आने से बच सकते हैं। मंकीपॉक्स के वायरस को फैलने से रोकने में मदद करने का सबसे अच्छा तरीका है:

  • उन जानवरों के संपर्क में आने से बचें, जो मंकीपॉक्स वायरस से संक्रमित हो सकते हैं।
  • जिन लोगों को मंकीपॉक्स है उनके साथ निकट संपर्क से बचें।
  • अपने हाथों को बार-बार और अच्छी तरह से धोएं।
  • साबुन और पानी उपलब्ध न होने पर अल्कोहल-आधारित हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करें।
  • किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद जिसे मंकीपॉक्स हुआ हो, अपनी आंख, नाक या मुंह को छूने से बचें।
  • यदि आप मांस खाते हैं तो उसे अच्छी तरह से पकाने के बाद ही खाएं।
  • ऐसी चीज़ों को छूने से बचें जो वायरस से दूषित हो गई हों जैसे दरवाज़े के हैंडल, इत्यादि।
  • किसी ऐसे व्यक्ति के साथ तौलिये या खाने के बर्तन साझा न करें जिसे आपको मंकीपॉक्स होने का संदेह हो।
  • संक्रमण से बचाने के लिए अपनी त्वचा पर खुली चोट को कवर करें।

और अंत में यदि आपको संदेह है कि आप वायरस की चपेट में आ गयें हैं, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

मुझे डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए? – When should I see a doctor?

आपको निम्नलिखित स्थितियों में तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए:

  • यदि आपको बुखार और दर्द या सूजी हुई लिम्फ नोड्स है।
  • यदि आपको शरीर में दाने आने लगें।
  • यदि आप मंकीपॉक्स वाले किसी व्यक्ति के संपर्क में आए हैं।

यदि आप मंकीपॉक्स वायरस से संक्रमित हो गए हैं, तो इसे दूसरो तक फैलने से रोकने के लिए तुरंत अपने स्थानीय जन स्वास्थ्य प्राधिकरण या किसी नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें। वायरस को फैलने से रोकने के लिए आपको क्वारंटाइन किया जा सकता है।

अगर मुझे मंकीपॉक्स हो जाए तो क्या मैं मर जाऊँगा? – Will I die if I get Monkeypox?

हाल के दिनों में हर जगह मंकीपॉक्स को लेकर चर्चाएं हो रही हैं, चाहे वह समाचार में हो या फिर वेबसाइटों में। वे आपको जानकारी कम देते हैं और डराने की कोशिश ज्यादा करते हैं, जो की वे लोकप्रियता के लिए अक्सर करते ही हैं।

आपके मन में यह सवाल जरूर आ रहा होगा की क्या हो अगर आपको मंकीपॉक्स हो जाये तो क्या आप मर जाओगे? तो इसका जवाब है शायद नहीं, यदि आप लाहपरवाही नहीं करेंगे और इससे बचाव करेंगे तो आप नहीं मरेंगे। इस बीमारी से मृत्यु दर 1-10% है, जो अन्य बीमारियों की तुलना में काफी कम है। हालांकि, यह वायरस कुछ लोगों, विशेष रूप से छोटे बच्चों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है। मंकीपॉक्स का कोई इलाज नहीं है, इसलिए जरुरी है की आप इससे संक्रमित होने से खुद को बचाएँ।

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