5 Amazing Lohasava Syrup Uses in Hindi – लाभ, नुकसान, सेवन विधि

दोस्तों, आज इस लेख में हम आपको आयुर्वेद की सबसे प्रसिद्ध टॉनिक लोहासव के बारे में जानकारी देने वाले हैं। इस लेख के माधयम से आपको लोहासव के फायदे (Lohasava Syrup Uses in Hindi), नुक्सान, सेवन विधि, इत्यादि के बारे में पूरी जानकारी मिलेगी।

लोहासव को आयुर्वेद में “Lohasavam” के नाम से भी जाना जाता है। यह हर्बल युक्त तरल दवा है जिसे कई सारी गुणकारी जड़ी-बूटियों की मदद से तैयार किया जाता है। 

लोहासव, जैसे की इसके नाम में ही ‘लोहा’ है जिसका अर्थ है की यह दवा आयरन युक्त है। इस दवा को खून की कमी, यानी Anemia का उपचार करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

लेकिन इसके आवला भी इस दवा कईं सरे फायदे हैं जिनके बारे में हम विस्तार से बात करने वाले हैं। लेकिन उससे पहले आपको इस दवा में इस्तेमाल की गयी सामग्रियों के बारे में भी जानकारी होना बेहद जरुरी है।

तो चलिए जानते हैं इस दवा में इस्तेमाल की गयी कुछ चमत्कारी औषधियों के बारे में।

लोहासव सिरप की सामग्री – Lohasava Syrup Ingredients

लोहासव को बनाने के लिए मुख्य रूप से 14 जड़ी-बूटिया का इस्तेमाल किया जाता है जो कुछ इस प्रकार हैं:

हरीतकी
सूखा आंवला
बहेड़ा के फल का छिलका
लोहासव प्रक्षेप
सोंठ (सूखी अदरक)
काली मिर्च
पीपल
अजमोद
नागरमोथा
चित्रक मूल
वायविडंग (विडंग)
लौह भस्म
धातकी 
शहद और गुड़

लोहासव सिरप के इस्तेमाल और लाभ – Lohasava Syrup Uses in Hindi

Lohasava Syrup Uses in Hindi

लोहासव का उपयोग आमतौर पर शरीर में खून की कमी होने पर किया जाता है लेकिन यह और भी कई सारे रोगों को ठीक करने में मदद करता है।

एनीमिया (Anemia)

खून में हीमोग्लोबिन (Hemoglobin) की कमी को एनीमिया कहा जाता है। यह एक प्रकार का रोग है जिसमें खून में मौजूद लाल कोशिकाएं ऑक्सीजन को शरीर के अन्य हिस्सों तक नहीं पंहुचा पाते। जिस वजह से शरीर में थकान और कमजोरी हो जाती है।

आयुर्वेद में एनीमिया को पाण्डु रोग भी कहा जाता है। इस स्थिति में पित्त दोष असंतुलित हो जाते हैं जिससे कमजोरी और थकान महसूस होने लगती है।

पुरुषों के मुक़ाबले महिलाओं में एनीमिया की समस्या ज्यादा देखी जाती हैं। लेकिन लोहासव का इस्तेमाल कर के एनीमिया को दूर किया जा सकता है।

लोहासव एनीमिया के लक्षणों को कम करने में मदद करता है और खून में हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ता है।

ध्यान रखें: एनीमिया का शक होने पर किसी पैथोलॉजी लैब से अपना CBC (Complete Blood count) टेस्ट अवश्य कराएं।

भूख न लगना (Loss of appetite)

आयुर्वेद के अनुसार भूख की कमी ‘अग्निमान्द्य (Agnimāndya)’ की वजह से होती है। हमारे पेट में एक तरह का पाचक रस होता है जो खाना पचाने में मदद करता है।

अग्निमान्द्य की स्थिति की तब पैदा होती है जब खाना पचाने की शक्ति कम हो जाती है।

लोहासव भूख और पाचन शक्ति को बढ़ता है जिससे खाने की इक्छा में सुधार होता है।

अपच (Indigestion)

अपच को dyspepsia भी कहा जाता है। यह एक ऐसी स्तिथि है जिसमें पाचन ठीक से नहीं हो पाता जिस वजह से पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द व बेचैनी महसूस होने लगती है।

अपच के चलते कुछ लोगों में पेट फूलना और पेट में सूजन भी हो सकती है।

आयुर्वेद में अपच को ‘अग्निमान्द्य (Agnimāndya)’ कहा गया है। यह परिस्थिति पित्त दोष के असंतुलित होने पर पैदा होती है।

अपच के लिए लोहासव एक बेहद प्रभावशाली आयुर्वेदिक टॉनिक है। यह खाने को पचने में मदद करता है और अपच के कारण होने वाले पेट दर्द, पेट फूलना जैसी समस्यायों को दूर करता है।

सामान्य कमज़ोरी (General weakness)

शरीर में कमजोरी ऊर्जा की कमी से होती है जिस वजह से शरीर में थकान बनी रहती है।

आयुर्वेद में कमजोरी को ‘क्लम (Klama)’ भी कहा गया है। यह समस्या कल्प दोष के असंतुलित होने और जरुरी खनिज (Minerals) की कमी होने पर पैदा होती है।

लोहासव में ‘बाल्य (Balya)’ गुण होते हैं जो शरीर में शक्ति प्रदान करके थकान को दूर करता है। यह शरीर में आयरन जैसे जरुरी खनिज की भी पूर्ति करता है।

बवासीर (Piles)

बवासीर एक सामान्य बीमारी है। इसमें मल के रास्ते यानि मलाशय (Rectum) और गुदा (Anus) के अंदर या बाहर से खून निकलता है जिससे दर्द, खुजली और सूजन हो जाती है।

लोहासव आयरन के गुणों से भरपूर होता है जो बवासीर से खून निकलने के करण हुई हीमोग्लोबिन की कमी को पूरा करता है।

लोहासव सिरप के अन्य लाभ – Lohasava syrup benefits in Hindi

लोहासव के कुछ अन्य लाभ इस प्रकार हैं:

  • दमा (Asthma) को ठीक करने में मदद करता है।
  • पीलिया, लिवर में सूजन और फैटी लिवर जैसी समस्याओं को दूर करके लिवर को मजबूती प्रदान करता है।
  • कई तरह के चर्म रोग (Skin disease) जैसे त्वचा पर लाल दाने, मुंहासे, खुजली, इत्यादि के लिए लाभदायक है।
  • कई तरह के हृदय रोगों को दूर करता है।
  • शरीर के किसी भी अंग में सूजन को ठीक करने में मदद करता है।
  • मधुमेह (Diabetes) के इलाज भी कारगर होता है।

लोहासव कैसे काम करता है – How does Lohasava work?

लोहासव कई सारे प्रकार की औषधियों को मिलाकर बनाया गया है जो अलग-अलग तरह से काम करती हैं।

लौह भस्म (Iron)

  • खून की कमी को पूरा करता है।
  • शरीर को ताकत प्रदान करता है।
  • लाल कोशिकाओं की मदद से शरीर के दूसरे हिस्सों में ऑक्सीजन पहुँचता है।

आंवला (Amla)

  • चोट के बाद सूजन कम करने में किया जाता है।
  • पाचन शक्ति बढ़ाने में मदद करता है।
  • लिवर के रोगों को दूर करता है।
  • दिल के स्वास्थ्य रखता है।
  • बालों की वृद्धि करता है।

हरीतकी (Terminalia Chebula)

  • अस्थमा को ठीक करने में मदद करता है।
  • तनाव व चिंता को दूर करता है।
  • चोट से हुई सूजन को कम करता है।
  • पाचन शक्ति बढ़ाता है।
  • खांसी दूर करने में मदद करता है।

काली मिर्ची (Black Pepper)

  • अस्थमा से आराम प्रदान करता है।
  • खांसी दूर करने में मदद करता है।
  • पाचन को बेहतर करता है।
  • भूख बढ़ाता है।

लोहासव सिरप की खुराक – Lohasava syrup dosage

यदि आप डॉक्टर के परामर्श के बिना लोहासव को इस्तेमाल कर रहे हैं तो 15-20ml दिन में दो बार ले सकते हैं।

लोहासव की खुराक रोगी की उम्र और लक्षणों की गंभीरता के हिसाब से अलग अलग हो सकती है। खुराक की सही मात्रा जानने के लिए डॉक्टर से सलाह लें।

लोहासव को कैसे इस्तेमाल करें – How to use Lohasava syrup

  • 15-20ml लोहासव सिरप लें
  • उसमें उतनी ही मात्रा में पानी मिलाएं
  • दिन में दो बार भोजन के बाद लें

यह भी पढ़ें: Benadryl Syrup Uses in Hindi | Benadryl Syrup के फायदे व नुकसान

लोहासव के नुकसान – Lohasava Syrup side effects

लोहासव पूरी तरह सुरक्षित है और इसका किसी भी प्रकार से कोई दुष्प्रभाव देखने को नहीं मिलता हैं। हालांकि, इसको इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से परामर्श लें।  

लोहासवा का उपयोग करते समय सावधानियां – Precautions when using Lohasava

Precautions when using Lohasava

  • लोहासव में गुड़ होता है। इसका इस्तेमाल करने से ब्लड शुगर लेवल प्रभावित हो सकता है। मधुमेह के रोगी बिना डॉक्टर से सलाह लिए लोहासव को इस्तेमाल न करें।
  • लोहासव की ज्यादा मात्रा का इस्तेमाल करने से छाती में जलन, कब्ज़, त्वचा में दाने जैसी समस्याएं पैदा होता सकती है।
  • हाई ब्लड प्रेशर के रोगियों को लोहासव का इस्तेमाल करने पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
  • शराब के साथ लोहासव का सेवन न करें

लोहासव के उत्पादक और दाम – Lohasava syrup Manufacturers and price

लोहासव का उत्पादन कई कंपनियों द्वारा किया जाता है जिसमें Patanjali, Dabur, Baidyanath और Sitaram जैसी कुछ लोकप्रिय कंपनियां हैं।

लोहासव किसी भी आयुर्वेद की दुकान में आसानी से मिल जाता है। आप इसे घर बैठे ऑनलाइन स्टोर से भी खरीद सकते हैं।

[wptb id=2098]

यह भी पढ़ें: Medha Vati Patanjali Benefits in Hindi । मेधा वटी के फायदे

इनमें से किस कंपनी का लोहासव इस्तेमाल करें ?

यदि आप दुविधा में हैं की किस कंपनी का लोहासव ज्यादा असरदार है तो आपको बता दें की यह सभी कंपनियों के लोहासव बेहद अच्छे हैं। आप इनमें से कोई भी खरीद सकते हैं।

लोहासव से सम्बंधित सवाल –  Lohasava Related FAQs

हाँ, लोहासव में 5 से 10 प्रतिशत Self-Generated अल्कोहल होता है जो fermentation की विधि द्वारा उत्पादन किया जाता है।

अज्ञात, इसके बारे में अभी किसी भी प्रकार का कोई शोध नहीं हुआ है। इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की सलाह लें।

अज्ञात, इसके बारे में अभी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की सलाह लें।

नहीं, हाई ब्लड प्रेससुरे वाले मरीज बिना डॉक्टर की सलाह के इसे इस्तेमाल न करें।

नहीं, मधुमेह वाले रोगी लोहासव को इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

यदि ज्यादा मात्रा में लोहासव का इस्तेमाल किया जाये तो कब्ज़ हो सकती है।

नहीं, इसको निर्धारित समय के लिए ही इस्तेमाल किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से सलाह लें।

Herb Home Cure
Herb Home Cure
Articles: 39

Leave a Reply

Your email address will not be published.