Divya Kayakalp Vati Uses in Hindi – कायाकल्प वटी के फायदे व नुकसान

पिछले कुछ वर्षों में आयुर्वेदिक दवाइयों के प्रति भारत के कई लोगों में काफी रूचि जागी है। अब लोग इलाज़ के लिए एलोपैथिक दवाइयों से ज्यादा भरोसा आयुर्वेदिक दवाइयों में करने लगे हैं। और जब बात आयुर्वेदिक इलाज की हो तो पतंजलि की दवाइयों को ज्यादा भरोसेमंद और सुरक्षित माना जाता है।

पतंजलि के प्रोडक्ट्स अक्सर लोगों में चर्चा का विषय बने रहते हैं। इन्ही में से एक दिव्या कलाकल्प वटी (Divya Kayakalp vati extra power) भी है जिसे कई लोग इस्तेमाल करते हैं।

दोस्तों, आज हम इस लेख (Divya Kayakalp Vati Uses in Hindi) के माधयम से आपको इस दवा के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे। इस लेख में हम आपको कायकल्प में मौजूद घटक, इससे जुड़े फायदे, नुकसान, सावधानियां और इसकी खुराक के बारे में बताएँगे।

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कायाकल्प वटी में मौजूद घटक – Kayakalp vati Ingredients

कायाकल्प वटी में मुख्य रूप से 5 घटक मौजूद हैं जिनमें कारंजा, रीठा, आंवला, गिलोय और बहेड़ा शामिल हैं। इसके अतिरिक्त इसमें निम्नलिखित घटक भी शामिल हैं जिनमें:

छकुंड / चक्रमर्द
दारुहरिद्रा
करंज
हल्दी
नीम
मंजिष्ठा
काली जीरी
श्‍वेत चंदन
आंवला
गिलोय
कुटकी
बावची (बाकुची)
बहेड़ा
खदिर (खैर)
चिरायता
द्रोणपुष्पी
हरीतकी
छोटी केटली
इन्द्रायण
देवदार

कायाकल्प वटी कैसे काम करती है – How does kayakalp vati works

जैसा की अब आप जान ही चुके हैं की कायाकल्प वटी में मुख्य रूप से 5 घातक मौजूद हैं। चलिए जानते हैं इनके क्या फायदे हैं और वे किस तरह से काम करते हैं।

How does kayakalp vati works
  • कारंजा – यह औषधि शरीर में चोट की वजह से आयी सूजन को ठीक करने के लिए इस्तेमाल की जाती है।
  • रीठा – रीठा शरीर में ऊतकों (Tissues) में कसाव की वजह से कम रक्त बहाव (Blood flow) को बढ़ता है।
  • आंवला – यह ऑक्सीडेटिव तनाव (Oxidative stress) को कम करता है और शरीर की क्षतिग्रस्त कोशिकाओं की पुनर्वृद्धि करता है।
  • गिलोय – यह सूजन को रोकने में मदद करता है और त्वचा की एलर्जी को ठीक करने में रहत देता है। यह ऑक्सीडेटिव तनाव को भी कम करता है।
  • बहेड़ा – यह सूरज से निकले वाली हानिकारक UVA and UVB किरणों से त्वचा को ऑक्सीडेटिव क्षति से बचाने में मदद करता है।

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दिव्या कायाकल्प वटी के उपयोग व फायदे – Divya Kayakalp Vati Uses in Hindi

दिव्या कायाकल्प वटी त्वचा से सम्बंधित कई रोगों को ठीक करने में मदद करती है। तो आइयें Divya Kayakalp Vati Uses के बारे में विस्तार से जानते हैं की यह त्वचा के कौन कोनसे रोगो को ठीक करने में लाभदायक है।

मुहासे (Acne)

Acne

मुहासे होना काफी सामान्य समस्या है। जब त्वचा की तेल ग्रंथियां (Oil glands) बंद हो जाती हैं या त्वचा में किसी प्रकार का संक्रमण होता है तो मुहासे विकसित हो जाते हैं।

मुहासे किसी भी उम्र में हो सकते हैं लेकिन यह किशोरावस्था (15 से 25 वर्ष) में ज्यादा देखे जाते हैं।

कायाकल्प वटी सभी प्रकार के मुहासों के उपचार के लिए बेहद कारगर है। यह दवा काले धब्बे, लाल फुंसी, सफेद फुंसी और  स्किन पिगमेंटेशन जैसी समस्याओं को भी ठीक करने में मदद करती है।

रक्त की शुद्धि (Purify blood)

Purify blood

आज कल के गलत खानपान और ख़राब आदतों के चलते खून में गन्दगी होना एक आम बात है। हम जो कुछ भी खाते हैं उसमें मौजूद पोषक तत्त्व हमारे खून में घुलते हैं। और यदि खाने में मौजूद पोषक तत्त्व ख़राब हैं तो वे हमारे खून में गन्दगी पैदा कर सकते हैं।

खून में गन्दगी होने से त्वचा में फोड़े-फुंसिया, दाने और झुरिया जैसी कई तरह की समस्याएं होती हैं। दिव्या कायाकल्प वटी एक तरह की रक्तशोधक है दवा है जो खून की शुद्धि करता है और उससे होने वाले त्वचा के रोगों को ठीक करता है।

दाद (Ringworm)

Ringworm

दाद एक आम समस्या है। यह एक फंगल इन्फेक्शन (Fungal Infection) है जो फंगस (Fungus) की वजह से होता है। यह रोग त्वचा के ऊपरी हिस्से में गोलाकार आकार में होता है। दाद होने से त्वचा में खुजली, दाने, पपड़ी, लाल और फटी हुई त्वचा हो जाती है।

दाद शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है पर यह आमतौर पर पैर, खोपड़ी, जांघो के बीच के भाग और गर्दन पर होता है।

दिव्या कायाकल्प वटी में मौजूद गुणकारी औषधियां फंगस को ख़तम करती है और दाद तथा दाद से होने वाले लक्षणों से छुटकारा प्रदान करती है।

एक्जिमा को नियंत्रित करता है (Controls eczema)

eczema

एक्जिमा को एटॉपिक डर्मेटाइटिस (atopic dermatitis) भी कहा जाता है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें त्वचा लाल, सूखी और खुजलीदार हो जाती है।

एक्जिमा में त्वचा में गांठें भी बन जाती है। एक्जिमा आमतौर पर बच्चों में देखा जाता है पर यह किसी भी उम्र में हो सकता है।

पतंजलि की दिव्या कायाकल्प वटी एक्जिमा को नियंत्रित करने में मदद करता है और इसे आगे बढ़ने से रोकता है। ‘

सफ़ेद दाग (Leucoderma)

Leucoderma

लुकोडेर्मा को विटिलिगो (vitiligo) भी कहा जाता है। यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें त्वचा अपना रंग खो देती है जिससे त्वचा में सफ़ेद दाग धब्बे पड़ जाते हैं।

लुकोडेर्मा मेलेनिन (Melanin) की कमी से होता है जो की त्वचा का एक रंगद्रव्य (pigment) है।

हालांकि, आधुनिक विज्ञान के अनुसार लुकोडेर्मा का कोई इलाज़ नहीं है लेकिन इसे आगे बढ़ने से रोका जा सकता है।

लेकिन, आयुर्वेद के अनुसार कायाकल्प वटी के इस्तेमाल से लुकोडेर्मा को जड़ से ख़त्म किया जा सकता है। यह त्वचा में मेलेनिन रंगद्रव्य को बढाकर त्वचा का प्राकृतिक रंग प्रदान करता है।

दिव्या कायाकल्प वटी की खुराक – Divya Kayakalp vati dosage

कायाकल्प की 2-2 गोलियां को दिन में दो बार (सुबह और  शाम) लिया जा सकता हैं। इसकी रात की खुराक को भोजन करने से 30 मिनट पहले और सुबह की खुराक को खाली पेट लिया जा सकता है।

आयु के अनुसार खुराक 

  • व्यस्क – व्यस्कों को दिन में अधिकतम 2 टेबलेट भोजन करने से पहले लेने की सलाह दी जाती है।
  • बुजुर्ग – बुजुर्गों को दिन में अधिकतम 2 टेबलेट भोजन करने के बाद लेने की सलाह दी जाती है।

कायाकल्प वटी की खुराक डॉक्टर ही निर्धारित करते हैं। खुराक रोगी की आयु और रोग की गंभीरता को देखते हुए दी जाती है। इस दवा की खुराक जानने के लिए डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

दिव्या कायाकल्प वटी के दुष्प्रभाव – Divya kayakalp vati side effects

कायाकल्प वटी एक आयुर्वेदिक दवा है जिसे प्राकृतिक औषधियों से बनाया गया है। इसे इस्तेमाल करना पूरी तरह से सुरक्षित है। हालांकि इसे इस्तेमाल करने से पहले  डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

दिव्या कायाकल्प से जुड़ी चेतावनियां – Divya kayakalp vati related warnings

  1. गर्भावस्था (Pregnancy) – गर्भावस्था में कायाकल्प वटी का इस्तेमाल करना पूरी तरह से सुरक्षित नहीं है। हालांकि, कुछ महिलाओं में इसके दुष्प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। इसका इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह से ही करें।

  2. स्तनपान (Breastfeeding) – स्तनपान करने कराने वाली महिलाओं में इसके दुष्प्रभाव मामूली हो सकते हैं। इसको डॉक्टर से सलाह मशवरा से ही इस्तेमाल करें। 

  3. बच्चें (Children) – बच्चों को कायाकल्प वटी इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जाती है।

दिव्या कायाकल्प वटी से सम्बंधित सावधानियां – Divya kayakalp vati precautions

  • कायाकल्प वटी को लेने से 1 घंटे पहले या बाद में दूध न पिएं।
  • मसाले वाला और अधिक तला-भुना भोजन न खाएं।
  • नहाने के लिए माइल्ड साबुन का इस्तेमाल करें। आयुर्वेदिक साबुन का इस्तेमाल करना ज्यादा बेहतर विकल्प हो सकता है।
  • नहाने के बाद त्वचा को साफ़ करने के लिए मुलायम टॉवल का इस्तेमाल करें।

दिव्या कायाकल्प वटी का दाम – Patanjali divya kayakalp vati extra power price

Divya kayakalp vati extra power 80 और 160 टेबलेट की पैकिंग में आती है जो किसी भी आयुर्वेदिक दुकान या ऑनलाइन स्टोर से मिल जाती है। यदि आप ऑनलाइन इसे आर्डर करना चाहते हैं तो निचे दिए गए बटन पर क्लिक करके इसे घर बैठे आर्डर करें।

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दिव्या कयाकल्प वाटी एक्स्ट्रा पावर – 40 ग्राम (160 टैबलेट)अभी_खरीदें

दिव्या कायाकल्प वटी से जुड़े सवाल – Divya kayakalp vati FAQs

दिव्या कायाकल्प वटी पूरी तरह से हर्बल है और इसे इस्तेमाल करना पूरी तरह से सुरक्षित है।

नहीं, बच्चों को कायाकल्प वटी इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जाती है।

अज्ञात, इसके ऊपर अभी किसी भी प्रकार का शोध नहीं हुआ है।

नहीं, इसको इस्तेमाल करने से सुस्ती नहीं आती है।

नहीं, इस दवा को इस्तेमाल करने से इसकी आदत नहीं पड़ती है।

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