डायबिटीज को कंट्रोल करने का रामबाण इलाज – आजमाएं ये आयुर्वेदिक उपाय

डायबिटीज एक गंभीर बीमारी है जिसे कुछ लोग मधुमेह या शुगर की बीमारी के नाम से भी जानते हैं। डायबिटीज तब होता है जब शरीर पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन नहीं पाता या इंसुलिन का ठीक से उपयोग नहीं कर पाता। शरीर में पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन न होने के कारण खून में ग्लूकोस की मात्रा बढ़ जाती है। इंसुलिन एक हार्मोन है जो अग्न्याशय (pancreas) में बनता है। यह खून में शुगर या ग्लूकोज की मात्रा को नियंत्रित करने में मदद करता है। यह शरीर को ऊर्जा के लिए ब्लड शुगर का उपयोग करने में भी मदद करता है। जब आप खाते हैं तो आपका ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है। इंसुलिन आपके खून से शुगर को आपकी कोशिकाओं में ले जाने में मदद करता है, जहां इसका उपयोग ऊर्जा के लिए किया जाता है।

आजकल की ख़राब जीवनशैली के चलते डायबिटीज होना एक आम समस्या बन चुकी है। इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन (IDF) के अनुसार, दुनिया में लगभग 463 मिलियन लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं। वहीं, भारत में करीब 7.7 करोड़ लोगों को डायबिटीज है, जो पूरी दुनिया में डायबिटीज के मामलों में दूसरा सबसे बड़ा देश है। पिछले कुछ सालों में डायबिटीज के मरीजों की संख्या में जबरदस्त इजाफा हुआ है। IDF के अनुसार डायबिटीज के मरीजों की संख्या 2009 में 7.1% से बढ़कर 2019 में 8.9% हो चुकी है। गंभीर बात यह है की इसमें कम उम्र के लोग भी शामिल हैं।

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मधुमेह के प्रकार – Types of Diabetes in Hindi

मधुमेह के तीन मुख्य प्रकार हैं: टाइप 1, टाइप 2, और गर्भकालीन मधुमेह (Gestational diabetes)।

  • टाइप 1 डायबिटीज: टाइप 1 डायबिटीज तब होता है जब आपका शरीर इंसुलिन बनाने में असमर्थ होता है। टाइप 1 डायबिटीज आमतौर पर बच्चों और युवाओं में देखा जाता है। हालांकि, ये किसी भी उम्र में हो सकता है।
  • टाइप 2 डायबिटीज: टाइप 1 डायबिटीज की तरह इस डायबिटीज में आपका शरीर अच्छी तरह से इंसुलिन का उत्पादन नहीं कर पाता। यह किसी भी उम्र में हो सकता है लेकिन यह मुख्य रूप से मध्यम आयु वर्ग और बूढ़े लोगों में देखा जाता है। इस प्रकार का डायबिटीज बेहद आम है।
  • गर्भकालीन मधुमेह: यह मधुमेह आमतौर पर महिलाओं में होता है। यह मधुमेह का एक अस्थायी रूप है जो महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान होता है। ज्यादातर मामलों में ये डिलीवरी के बाद खुद ठीक हो जाता है।

हर प्रकार के मधुमेह के लिए अलग-अलग उपचार की आवश्यकता होती है, लेकिन कुछ सामान्य चीजें हैं जो आप सभी प्रकार के मधुमेह को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करने के लिए कर सकते हैं। जिनके बारे में हम इस लेख में आगे चर्चा करेंगे।

डायबिटीज को कैसे कंट्रोल करें – How to control Diabetes in Hindi

डायबिटीज में ब्लड शुगर लेवल स्थिर नहीं रहता और वह अचानक कम या ज्यादा हो जाता है। अगर इसे समय रहते नियंत्रित न किया जाये तो, यह हृदय रोग, स्ट्रोक, गुर्दे की बीमारी, अंधापन और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है।

यदि आपको मधुमेह है, तो आपको इससे होने वाली जटिलताओं से बचने के लिए अपने ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करना जरुरी है। आप इसे बेहतर तरीके से कंट्रोल करने के लिए दवाओं के साथ-साथ कुछ प्राकृतिक और आयुर्वेदिक उपायों को भी अपना सकते हैं। तो आइए जानते हैं उन प्राकृतिक और आयुर्वेदिक उपायों के बारे में।

डायबिटीज को कंट्रोल करने के प्राकृतिक उपाय – Natural ways to control Diabetes

अगर आपको मधुमेह है, तो घर पर इसे प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करने के कई तरीके हैं। यहां कुछ प्राकृतिक मधुमेह उपचार दिए गए हैं जो आपको स्वस्थ जीवन जीने में मदद कर सकते हैं।

व्यायाम (Exercise)

व्यायाम किसी भी प्रकार के मधुमेह के उपचार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। और यदि आप घर पर अपने ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करना चाहते हैं तो यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

हर दिन केवल 30 मिनट व्यायाम करना आपकी इंसुलिन संवेदनशीलता को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है, इसलिए आपको अपने ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित रखने के लिए कम इंसुलिन की आवश्यकता होगी।

इसके अलावा, नियमित रूप से व्यायाम करने से हृदय रोग और स्ट्रोक के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है। मधुमेह वाले लोगों में ये दो जटिलताएं अधिक आम हैं।

आपको हर दिन अधिक कसरत करने की ज़रूरत नहीं है। यहां तक कि दिन में सिर्फ 20 मिनट तेज चलने से भी आपको फायदा हो सकता है।

खानपान (Diet)

स्वस्थ आहार सभी के लिए महत्वपूर्ण होता है, लेकिन यह मधुमेह वाले लोगों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखने के लिए सही डाइट लेना बहुत जरूरी है। सही खाद्य पदार्थ खाने से आप अपने ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित कर सकते हैं और अपने वजन को भी नियंत्रित कर सकते हैं।

आप क्या खाते हैं, कितना खाते हैं और कब खाते हैं, यह सब आपके ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित करता है। इसलिए डायबिटीज फ्रेंडली डाइट प्लान का होना बहुत जरूरी है।

मधुमेह को कंट्रोल करने के लिए आपको फाइबर और एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर आहार का सेवन करना चाहिए। फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थ ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं, जबकि एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर खाद्य पदार्थ डायबिटीज से होने वाली जटिलताओं से बचाने में मदद कर सकते हैं।

मधुमेह वाले लोगों को निम्नलिखित खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए:

  • अपने आहार में भरपूर मात्रा में ताजे फल और सब्जियां शामिल करें।
  • रिफाइंड कार्ब्स की जगह साबुत अनाजों को अपने आहार में शामिल करें।
  • लीन प्रोटीन स्रोतों का सेवन करें जैसे अंडे का बाहर वाला हिस्सा, चिकन ब्रेस्ट, दही, इत्यादि
  • अपने भोजन में ओमेगा -3 फैटी एसिड वाले खाद्य पदार्थों को शामिल करें जैसे एवोकैडो, बादाम, जैतून, सामन, सार्डिन, अखरोट, आदि।

तनाव को कम करें (Control your Stress level)

मधुमेह के लिए तनाव एक प्रमुख ट्रिगर हो सकता है। जब आप तनाव में होते हैं, तो आपका शरीर कोर्टिसोल नाम का हार्मोन छोड़ता है जो आपके ब्लड शुगर के स्तर को बढ़ा सकता हैं। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि आप अपने तनाव को कम करने के तरीके खोजें।

ऐसा करने का एक तरीका योग या ध्यान है। ये दोनों ही आपके तनाव को कम करके मधुमेह को नियंत्रित करने में आपकी मदद कर सकते हैं।

योग विशेष रूप से टाइप 2 मधुमेह वाले लोगों में ब्लड शुगर को कम करने और इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार करने के लिए अच्छा होता है। तनाव कम करने के अन्य तरीके भी हैं जैसे गहरी साँस लेने का अभ्यास, लाफ्टर थेरेपी, दोस्तों के साथ बातचीत करना या प्रकृति में समय बिताना। अपने जीवन में संतुलन रखना भी महत्वपूर्ण है इसलिए कोशिश करें कि खुद को ज्यादा व्यस्त न रखें।

अधिक पानी पिएं (Drink plenty of water)

पानी हम सभी के लिए आवश्यक है, लेकिन यह मधुमेह वाले लोगों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण होता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि हाई ब्लड शुगर के स्तर से प्यास और पेशाब ज्यादा होती है।

पर्याप्त पानी पीने से आपके शरीर को पेशाब के माध्यम से अतिरिक्त शुगर को खत्म करने में मदद मिलती है। यह निर्जलीकरण (Dehydration) को रोकने में भी मदद करता है, जिससे किडनी खराब होने जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

इसलिए प्रतिदिन कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं। यदि आप वर्कआउट करते हैं या गर्म वातावरण में रहते हैं, तो आपको इससे अधिक पीने की आवश्यकता हो सकती है।

हर रात पर्याप्त नींद लें (Get enough sleep each night)

रात में एक अच्छी सभी के लिए जरुरी होती है, लेकिन अगर आपको मधुमेह है तो यह आपके लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। जब आप पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं, तो आपके शरीर के पास खुद को ठीक करने का समय नहीं होता है। इससे मधुमेह के साथ और भी कईं गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

हर रात कम से कम 7-8 घंटे की अच्छी नींद लेने का लक्ष्य रखें ताकि आपका ब्लड शुगर लेवल संतुलित रहे। रात में एक अच्छी नींद लेने के लिए हमारा यह लेख अच्छी नींद के लिए ये काम जरूर करें – महत्वपूर्ण टिप्स जरूर पढ़ें।

नियमित रूप से अपने ब्लड शुगर के स्तर की जाँच करें (Check your blood sugar levels regularly)

नियामत रूप से अपने ब्लड शुगर के स्तर की जाँच करना सबसे महत्वपूर्ण चीजों में से एक है जिससे आप अपने मधुमेह को नियंत्रित कर सकते हैं। नियमित रूप से अपने ब्लड शुगर के स्तर की जांच करने से आपको यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि आपकी मधुमेह को कंट्रोल करने की योजना कितनी अच्छी तरह काम कर रही है और आवश्यकता के अनुसार आप उसमें बदलाव भी कर सकते हैं।

अपने ब्लड शुगर के स्तर की जाँच करने का सबसे अच्छा समय भोजन से पहले, भोजन के बाद, शारीरिक गतिविधि से पहले और बाद में और सोने के समय है।

डायबिटीज को कंट्रोल करने के आयुर्वेदिक उपाय – Ayurvedic Home Remedies For Diabetes

आइए अब मधुमेह के कुछ आयुर्वेदिक उपचारों के बारे में बात करते हैं। कई मधुमेह रोगियों ने इन उपचारों को अपनाकर अपने ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में कामयाबी हासिल की है। ऐसे कई आयुर्वेदिक उपचार हैं जिनका पारंपरिक रूप से मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद के लिए उपयोग किया जाता रहा है। आईये उनके बारे में जानते हैं।

मेथी (Fenugreek)

Fenugreek seeds

मेथी एक जड़ी बूटी है जिसका उपयोग सदियों से भारतीय चिकित्सा में किया जाता रहा है। यह मधुमेह के लिए एक प्रभावी प्राकृतिक उपचार है। यह ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है।

मेथी इंसुलिन संवेदनशीलता और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में भी मदद कर सकती है। मधुमेह में मेथी का प्रयोग करने के लिए भोजन से पहले एक चम्मच मेथी के बीज को पानी के साथ लें। आप इसे गर्म व ठन्डे दूध के साथ भी ले सकते हैं। इसके अलावा आप मेथी को सलाद या पके हुए भोजन में भी शामिल कर सकते हैं।

करेला (Bitter gourd)

Bitter gourd

करेला मधुमेह के लिए एक बेहतरीन घरेलू उपाय है। इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सिडेंट होता है जो ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसके अलावा, यह वजन घटाने में भी बेहद असरदार होता है।

मधुमेह के लिए करेले का उपयोग करने के लिए, 2 चम्मच करेले के रस को रोजाना पानी में मिलाकर हर सुबह खाली पेट पियें। आप करेले को सलाद या पके हुए व्यंजनों में शामिल करके भी इसे अपने आहार में शामिल कर सकते हैं।

आंवला (Gooseberry)

Gooseberry

आंवला मधुमेह के लिए एक प्रभावी आयुर्वेदिक उपचार है। आंवला विटामिन सी और एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होता है, जो ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। इतना ही नहीं, बल्कि एक शोध से पता चला है कि आंवला फास्टिंग ब्लड शुगर के स्तर को 25 प्रतिशत तक कम करने में मदद कर सकता है।

मधुमेह के लिए आंवला का उपयोग करने के लिए आप 500 मिलीग्राम आंवला चूर्ण दिन में तीन बार भोजन के साथ ले सकते हैं। आप दो चम्मच आंवले का जूस रोजाना सुबह खाली पेट पी सकते हैं। इसके अलावा आप रोजाना ताजा आंवला भी खा सकते हैं।

दालचीनी (Cinnamon)

Cinnamon

दालचीनी एक ऐसा मसाला है जिसका उपयोग सदियों से पारंपरिक चिकित्सा में किया जाता रहा है। यह अपने कई स्वास्थ्य लाभों के लिए जाना जाता है, जिसमें ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने की क्षमता भी शामिल है।

दालचीनी को कैप्सूल के रूप में या पाउडर के रूप में लिया जा सकता है। आप दालचीनी को खाने में भी शामिल कर सकते हैं। मधुमेह के लिए दालचीनी का सेवन करते समय जरूरी है कि इसकी शुरुआत कम मात्रा से करें और धीरे-धीरे इसे बढ़ाएं।

आम के पत्ते (Mango leaves)

Mango leaves

बहुत कम लोग ये जानते होंगे की भारत में सदियों से आम के पत्तों का इस्तेमाल मधुमेह के इलाज के लिए किया जाता रहा है। इसकी पत्तियों में मैंगिफेरिन नामक एक तत्त्व होता है, जो ब्लड शुगर के स्तर को कम करने में मदद करता है।

मधुमेह के लिए आम के पत्तों का उपयोग करने के लिए, बस कुछ पत्तियों को पानी में उबाल लें और रोजाना उसे चाय की तरह पीएं। आप पत्तों को सुखाकर उनका चूर्ण भी बना सकते हैं, और उस चूर्ण को प्रतिदिन 1 ग्राम पानी के साथ ले सकते हैं।

मधुमेह वाले अधिकतर लोगों के लिए आम के पत्ते सुरक्षित हैं, लेकिन इनका उपयोग करने से पहले अपने डॉक्टर से बात करना सुनिश्चित करें।

सहजन के पत्ते (Drumstick leaves)

Drumstick leaves

सहजन के पत्ते मधुमेह के लिए एक प्रभावी आयुर्वेदिक उपचार में से एक है। इसके पत्ते ब्लड शुगर के स्तर और इंसुलिन के उत्पादन को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। साथ ही, इसमें वे विटामिन ए और सी, पोटेशियम और आयरन जैसे पोषक तत्वों भी होते हैं।

इसका उपयोग करने के लिए, बस कुछ पत्तियों को पानी में उबाल लें और ठंडा होने पर पी लें। आप अपने खाने में पत्ते भी शामिल कर सकते हैं।

एक अध्ययन में यह पाया गया कि उबले हुए चावल में सहजन के पत्तों को मिलकर खाने से टाइप 2 मधुमेह वाले लोगों में ग्लाइसेमिक (glycemic) को नियंत्रण करने में सुधार हो सकता है।

एलोवेरा (Aloe vera)

Aloe vera

एलोवेरा एक रसीला पौधा है जिसका उपयोग सदियों से कई तरह की बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता रहा है। इस पौधे में एक जेल जैसा पदार्थ होता है जिसे निकाला जा सकता है और त्वचा में लगाया जा सकता है या उसका सेवन किया जा सकता है।

कुछ लोगों का मानना है कि एलोवेरा ब्लड शुगर के स्तर को स्थिर करके मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। यह भी मन जाता है की एलोवेरा का कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड के स्तर पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। हालांकि इस दावे का समर्थन करने के लिए कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, फिर भी एलोवेरा एक सुरक्षित और प्राकृतिक विकल्प है जो आजमाने लायक है।

अदरक (Ginger)

Ginger

क्या आप जानते हैं कि अदरक मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है? यह बात बिलकुल सही है, यह न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि यह ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में भी मदद कर सकता है।

कुछ अध्ययनों से पता चला है कि अदरक इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाने और ब्लड शुगर के स्तर को कम करने में मदद कर सकता है। इसलिए यदि आप मधुमेह को नियंत्रित करने का प्राकृतिक तरीका खोज रहे हैं, तो अपने आहार में अदरक को जरूर शामिल करें।

एक अध्ययन में पाया गया कि टाइप 2 मधुमेह वाले लोगों में, रोजाना दो ग्राम ताजा अदरक लेना उनके फास्टिंग ब्लड शुगर और लिपिड प्रोफाइल में सुधार कर सकता है।

ऐसी कई चीजें हैं जिनसे आप घर पर ही मधुमेह को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित कर सकते हैं। अच्छा आहार खाने और नियमित रूप से व्यायाम करने से मधुमेह को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। आपको नियमित रूप से अपने ब्लड शुगर के स्तर की भी निगरानी करनी चाहिए और अपने चिकित्सक द्वारा बताई गई दवा लेनी चाहिए। यदि आप मधुमेह को नियंत्रित नहीं कर पा रहे हैं तो इसके बारे में अपने डॉक्टर से सलाह लें।

डायबिटीज के बारे में पूछे जाने वाले सवाल – FAQs related to diabetes

मधुमेह के लक्षणों को दो श्रेणियों में बांटा जाता है: हाई ब्लड शुगर और लो ब्लड शुगर। हाई ब्लड शुगर के लक्षणों में अधिक प्यास लगना, अधिक पेशाब आना, थकान और धुंधली दृष्टि शामिल हैं। लो ब्लड शुगर के लक्षणों में चक्कर आना, सिरदर्द और चिड़चिड़ापन शामिल हैं।

मधुमेह के कई अलग-अलग कारण होते हैं, लेकिन सबसे आम कारण होता है जब आपका शरीर पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन नहीं कर पाता है। इंसुलिन एक हार्मोन है जो ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है, और जब यह पर्याप्त नहीं होता है, तो ब्लड शुगर का स्तर बहुत अधिक बढ़ जाता है।

स्वस्थ वजन बनाए रखने, संतुलित आहार खाने और नियमित रूप से व्यायाम करने से आप मधुमेह को रोक सकते हैं। आप अपने ब्लड शुगर के स्तर की निगरानी करके और अपने चिकित्सक द्वारा बताई गई दवाएँ लेकर भी मधुमेह को नियंत्रित कर सकते हैं।

मधुमेह के इलाज के कई तरीके हैं, लेकिन कुछ तरीके दूसरों की तुलना में अधिक प्रभावी हैं। मधुमेह को नियंत्रित करने का एक प्राकृतिक तरीका स्वस्थ आहार लेना और नियमित रूप से व्यायाम करना है। आप सप्लीमेंट या जड़ी-बूटियाँ भी ले सकते हैं जो ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करती हैं।

यदि आपको मधुमेह है, तो आपके ब्लड शुगर का स्तर अधिक होगा। गर्भावस्था के दौरान हाई ब्लड शुगर आपके और आपके बच्चे दोनों के लिए समस्या पैदा कर सकता है।

हां, टाइप 2 मधुमेह वाले व्यक्ति के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर उसे ठीक करना संभव है। अध्ययनों से पता चला है कि केवल आहार और व्यायाम के माध्यम से टाइप 2 मधुमेह को कम से कम तीन महीने में ठीक किया जा सकता है।

सामान्य ब्लड शुगर का स्तर 70 से 100 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर के बीच होता है। अगर आपका ब्लड शुगर लेवल इससे ज्यादा है तो इसका मतलब आपको डायबिटीज है।

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