चिंता (एंग्जायटी) के कारण, लक्षण और घरेलु उपचार

एंग्जायटी यानी चिंता, एक सामान्य मानसिक रोग है जो दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रभावित करती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार विश्व भर में इससे 264 मिलियन से अधिक लोग प्रभावित हैं। और अगर भारत की बात करें तो, भारत में हर 3 में से 1 व्यक्ति एंग्जाइटी डिसऑर्डर से पीड़ित है।

एंग्जायटी आपके दैनिक जीवन को कई तरह से प्रभावित करती है। यह न केवल आपके दिमाग पर कहर बरपाती है बल्कि आपके शरीर को भी नुक्सान पहुँचाती है।

हालांकि एंग्जायटी पूरी तरह से खराब नहीं है। कभी-कभी एंग्जायटी महसूस करना आम होता है। हर व्यक्ति अपने जीवन में कभी न कभी एंग्जायटी का अनुभव करता है। लेकिन जब यह आपकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित करने लगे तो यह चिंता का कारण बन सकती है। ऐसे में अगर आप हर समय चिंता में रहने वाले व्यक्ति हैं , तो सावधान हो जाइए।

एंग्जायटी क्या है? – What is Anxiety in Hindi?

एंग्जायटी डर, घबराहट, और बेचैनी की भावना है। एंग्जायटी तब होती है जब आप अपने स्वास्थ्य, इंटरव्यू, परीक्षा आदि जैसी किसी बात को लेकर चिंतित या भयभीत होते हैं। ऐसे समय में, एंग्जायटी महसूस करना पूरी तरह से सामान्य हो सकता है। लेकिन उस दौरान कुछ लोगो के लिए अपने विचारों पर काबू पाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में वे उस बात को लेकर बहुत अधिक नाकारात्मक सोचने लगते हैं। बहुत ज्यादा सोचने पर वे उस स्थिति में पहुंच जाते हैं जहाँ उन्हें उस बात को लेकर डर, बेचैनी, घबराहट के दौरे (पैनिक अटैक), आदि जैसे लक्षण का अनुभव होने लगता है।

अगर ऐसा बार-बार होता है तो समझ लें कि आप एंग्जायटी डिसऑर्डर से पीड़ित हैं। लंबे समय तक चिंता करने से हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, अनिद्रा, वजन बढ़ना जैसी कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए इसे जल्द से जल्द दूर करना बहुत जरुरी है।

एंग्जायटी के लक्षण – Symptoms of Anxiety in Hindi

एंग्जायटी में कई तरह के लक्षणों का अनुभव हो सकता है। एंग्जायटी के कुछ लक्षण इस प्रकार हैं:

  • घबराहट, बेचैनी या तनाव महसूस करना
  • हृदयगति बढ़ना
  • तेजी से सांस लेना
  • सांस फूलना
  • पसीना आना
  • मुंह सूखना
  • कमज़ोरी या थकान महसूस करना
  • किसी भी चीज़ में ध्यान न लगा पाना
  • ऐसा महसूस करना कि आप खतरे में हैं या पागल हो रहे हैं
  • सोने में परेशानी होना

एंग्जायटी के लक्षण अलग-अलग लोगों के लिए अलग-अलग हो सकते हैं। जहां एक व्यक्ति को ऐसा महसूस हो सकता है कि उसके साथ कुछ बुरा होने वाला है, वहीं दूसरे को पैनिक अटैक, बुरे सपने या दर्दनाक विचार आ सकते हैं।

जैसा कि आप जानते हैं कि एंग्जायटी और एंग्जायटी डिसऑर्डर में अंतर होता है। किसी चीज़ को लेकर विचार करना या चिंता करना एक आम बात है। लेकिन जब विचार बेकाबू हो जाते हैं और आपके दैनिक जीवन को प्रभावित करने लगते हैं, तो इसे एंग्जायटी डिसऑर्डर कहा जाता है।

एंग्जायटी डिसऑर्डर के निम्नलिखित प्रकार हैं:

  • पैनिक डिसऑर्डर – पैनिक डिसऑर्डर एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति लगातार अत्यधिक डर और खौफ में रहता है। उसे महसूस होता है कि वो किसी भयानक बीमारी का शिकार हो गया है। पैनिक डिसऑर्डर को कुछ लोग हार्ट अटैक समझ लेते हैं जिससे वे और भी ज्यादा डर जाते हैं। पैनिक अटैक के दौरान व्यक्ति को सीने में दर्द, दिल की धड़कन, सांस की तकलीफ, चक्कर आना या पेट में दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
  • जनरलाइज्ड एंग्जाइटी डिसऑर्डर (GAD) – जनरलाइज्ड एंग्जाइटी डिसऑर्डर तब होता है जब रोगी रोज़मर्रा की चीज़ों के बारे में लगातार और अत्यधिक चिंता करता है। GAD से पीड़ित लोगों को अपनी चिंता को नियंत्रित करने में मुश्किल होती है और वे अपने स्वास्थ्य, काम, परिवार और भविष्य सहित कई तरह की चीजों के बारे में चिंतित महसूस करते हैं।
  • पोस्ट-ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) – PTSD तब होता है जब किसी व्यक्ति ने किसी भयानक घटना का अनुभव किया हो या देखा हो। इन घटनाओ में सड़क दुर्घटना, यौन शोषण, किसी दोस्त या परिवार के सदस्य का क़त्ल, आदि शामिल हैं। इसके लक्षणों में फ्लैशबैक, बुरे सपने और गंभीर चिंता, साथ ही घटना के बारे में बेकाबू विचार शामिल हो सकते हैं।
  • ऑब्सेसिव-कम्पल्सिव डिसऑर्डर (OCD) – OCD तब होता है जब किसी भी काम को करने का जुनून और मजबूरी बीमारी की हद तक बढ़ जाती है। प्रभावित व्यक्ति के मन में बार-बार वही विचार, चित्र या किसी कार्य को बार-बार करने की इच्छा बनी रहती है। ये सभी विचार परेशान करने वाले होते हैं और व्यक्ति को अत्यधिक प्रभावित करते हैं जिससे चिंता और तनाव पैदा होता है।
  • डर (फोबिया) – फोबिया डर का एक गंभीर रूप है। इसमें व्यक्ति किसी ऐसी चीज, जगह या स्थिति से डर जाता है जो वास्तव में उनके लिए खतरा नहीं होती हैं।
  • सेपरेशन एंग्जायटी डिसऑर्डर – यह एक ऐसी स्थिति है जब कोई व्यक्ति किसी व्यक्ति, चीज़ या स्थान से अलग हो जाता है जिससे उन्हें लगाव होता है। यह लगाव किसी विशेष व्यक्ति, जैसे माता-पिता या पति या पत्नी, या किसी स्थान, जैसे किसी के घर से हो सकता है।
  • सोशल एंग्जायटी डिसऑर्डर (सामाजिक दूर्भीति) – यह एक प्रकार का सोशल फोबिया (सामाजिक डर) है जिसमें व्यक्ति को समाज में बैठने या लोगों से बात करने में डर या शर्मिंदगी महसूस होती है।

एंग्जायटी के कारण – Causes of Anxiety in Hindi

कई चीजें हैं जिनके कारण एंग्जायटी हो सकती है, जिनमें काम या स्कूल से तनाव, पैसे की परेशानी, रिश्ते की समस्याएं, या यहां तक ​​कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी शामिल हैं। लेकिन उनमें से कुछ सबसे आम हैं आनुवंशिकी (जेनेटिक्स), व्यक्तित्व और जीवन की घटनाएं।

  1. आनुवंशिकी (जेनेटिक्स) – एंग्जायटी पीढ़ी दर पीढ़ी चलती है। यदि आपके माता-पिता या दादा-दादी एंग्जायटी से पीड़ित हैं, तो आपको भी इसका अनुभव होने की अधिक संभावना हो सकती है।
  2. व्यक्तित्व – चिंता व्यक्ति के व्यक्तित्व पर भी निर्भर करती है। जो लोग स्वाभाविक रूप से चिंतित होते हैं या जो बहुत अधिक चिंता करते हैं, वे भी एंग्जायटी के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।
  3. जीवन की घटनाएं – तनावपूर्ण जीवन की घटनाएं भी एंग्जायटी डिसऑर्डर का कारण हो सकती हैं। जब कोई व्यक्ति अपने जीवन में हुई बुरी चीजों को भूल नहीं पाता है, तो यह उसे तनाव में दाल देता है जिससे उसे एंग्जायटी हो सकती है। उदाहरण के लिए, किसी प्रियजन की मृत्यु, तलाक या रिश्ते की समस्या, पैसों कि समस्याएँ, सेहत कि चिंता, नौकरी छूटना, आदि।

एंग्जायटी का एक अन्य कारण नशीली दवाएं या शराब का सेवन भी हो सकता है। नशीली दवाओं या शराब का उपयोग या दुरुपयोग भी एंग्जायटी का कारण बन सकती है या उसे और खराब कर सकती है।

एंग्जायटी के घरेलू उपाय – Home Remedies for Anxiety in Hindi

एंग्जायटी को बिना दवाओं के सेवन से दूर किया जा सकता है। ऐसे कई घरेलु उपाय हैं जिनकी मदद से आप एंग्जायटी से छुटकारा पा सकते हैं। नीचे हमने कुछ ऐसे असरदार घरेलू उपचारों को सूचीबद्ध किया है जो एंग्जायटी को कम करने में आपकी मदद करेंगे।

केले का छिलका

क्या आप जानते हैं कि एंग्जायटी के इलाज के लिए केले के छिलके का इस्तेमाल किया जा सकता है? यह बात बिलकुल सही है। केले के छिलके में सेरोटोनिन होता है जो एंग्जायटी को कम करने में मदद करता है। सेरोटोनिन एक रसायन है जो मस्तिष्क और आपके पूरे शरीर में तंत्रिका कोशिकाओं के बीच संदेश पहुंचाता है। सेरोटोनिन मूड बढ़ाने और एंग्जायटी को कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण रसायन है।

केले के छिलके का उपयोग कैसे करें:

एंग्जायटी में केले के छिलके को दो तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है। पहला तरीका यह है की आप केले के छिलके की चाय बना लें। चाय बनाने के लिए:

  • एक चायदानी में 1 केले का छिलका लें और उसमें एक कप पानी डालें।
  • जब पानी में उबाल आने लगे तो आंच बंद कर दें और इसे 10 मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें।
  • 10 मिनिट बाद केले के छिलके के पानी को चाय के मग में छान लीजिये और आनंद लीजिये।

दूसरा तरीका यह है की आप केले के छिलके को कच्चा या उबालकर खा सकते हैं। इसे कच्चा या उबालकर खाने के लिए:

  • दो केले के छिलकों को अच्छे से धो लें।
  • उसमें से डंठल हटा दें।
  • अब छिलकों को अच्छी तरह ब्लेंड कर लें। आप छिलके को उबालकर या कच्चा दोनों तरह ब्लेंड कर सकते हैं।
  • रोज़ाना रात को सोने से पहले इसका सेवन करें।

केला जैसे-जैसे पकता है, उसका छिलका पतला और मीठा होता जाता है, इसलिए अगर आपको अच्छा स्वाद चाहिए तो केले के छिलके पर कुछ काले धब्बे आने का इंतज़ार करें। ऐसा होने में दो दिन तक का समय लग सकता है।

कैमोमाइल (बबूने का फूल) की चाय

कैमोमाइल एक प्रकार की हर्बल चाय है जिसका उपयोग लंबे समय से चिंता और अनिद्रा के लिए एक प्राकृतिक उपचार के रूप में किया जाता रहा है। कैमोमाइल नींद और चिंता में मदद कर सकता है क्योंकि इसमें एपिजेनिन नाम का यौगिक होता है। इस यौगिक के कुछ प्रभाव बेंजोडायजेपाइन के समान हैं, जो एक एंटी-एंग्जायटी दवा है।

कैमोमाइल की चाय कैसे बनाएं:

  • केतली में एक कप पानी गर्म करें।
  • जब पानी में उबाल आने लगे, तो आँच बंद कर दें और उसमें एक चम्मच सूखी हुई कैमोमाइल डालें।
  • इसे 4-5 मिनट तक भीगने के लिए छोड़ दें।
  • अब चाय को कप में छान लें और उसके लाभों का आनंद लें।

आप प्रतिदिन तीन से चार कप कैमोमाइल की चाय पी सकते हैं।

लैवेंडर का तेल

लैवेंडर का उपयोग पारंपरिक रूप से एंग्जायटी को दूर करने के लिए किया जाता रहा है। कई अध्ययनों से पता चला है कि लैवेंडर का तेल एंग्जायटी और अच्छी नींद के लिए बेहद कारगर है। जर्नल ऑफ अल्टरनेटिव एंड कॉम्प्लिमेंटरी मेडिसिन में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि लैवेंडर का तेल एंग्जायटी के लक्षणों को कम करने के लिए लोराज़ेपम की तरह ही प्रभावी है। लोराज़ेपम एक चिंता-विरोधी दवा है जिसका उपयोग एंग्जायटी के रोगियों के लिए किया जाता है।

लैवेंडर को कैसे इस्तेमाल करें:

  • एक बर्तन लें और उसमे 1 मग उबलता हुआ पानी डालें।
  • अब उसमे 5 से 7 बूँद लैवेंडर का तेल डालें और उसकी भाप लें। इसे ठीक वैसे ही करना है जैसे आप सर्दी जुकाम के दौरान भाप लेते हैं।

इसके अतिरिक्त, आप तेल की कुछ बूंदों को कलाइयों, कानों के पीछे और गर्दन के पिछले हिस्से पर पूरे दिन या इच्छानुसार लगा सकते हैं। जब लैवेंडर के तेल की मालिश की जाती है, तो लैवेंडर का तेल त्वचा द्वारा तेजी से अवशोषित हो जाता है, जिससे आपको रिलैक्स करने में मदद मिलती है।

बादाम का तेल

किसी भी तरह के तनाव या चिंता से राहत पाने के लिए बादाम का तेल सबसे कारगर होता है। बादाम के तेल का मन और शरीर पर शांत प्रभाव पड़ता है जिससे चिंता, अनिद्रा और अवसाद को कम करने में मदद मिलती है।

बादाम का तेल को कैसे इस्तेमाल करें:

बादाम के तेल को एंग्जायटी के लिए कई तरीको से इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन सबसे अच्छा तरीका है कि आप इसे दूध के साथ इस्तेमाल करें। एक गिलास गुनगुने गाय के दूध में बादाम के तेल की 2 से 3 बूंदें डालकर रोजाना सुबह-शाम पिएं।

जबकि, दूसरा तरीका यह है कि आप अपने बाथटब में बादाम के तेल की कुछ बूंदें डाल कर शॉवर लें सकते हैं। अगर आप बादाम के तेल का इस्तेमाल कर रहें हैं तो कोशिश करें कि आयुर्वेदिक तेल का ही इस्तेमाल करें।

जायफल

जायफल लंबे समय से पारंपरिक चिकित्सा में एंग्जायटी सहित विभिन्न स्थितियों का इलाज करने के लिए उपयोग किया जाता रहा है। इस मसाले के तेल में तनाव, चिंता और थकान को कम करने की क्षमता होती है, जिससे मन और शरीर को शांति मिलती है। इसके अलावा यह नींद की गुणवत्ता में भी सुधार करता है।

जायफल को कैसे इस्तेमाल करें:

रात को सोने से ठीक पहले एक गिलास गर्म दूध में एक चुटकी जायफल का पाउडर डाल कर पिएं। इसके अतिरिक्त आप अपनी पसंदीदा रेसिपी में भी इसे मिला सकते हैं।

एंग्जायटी डिसऑर्डर से कैसे बचें – How to Prevent Anxiety Disorder in Hindi

ऐसी कई चीजें हैं जो आप एंग्जायटी को रोकने के लिए कर सकते हैं। एंग्जायटी से बचने के कुछ बेहतरीन उपाय निम्नलिखित हैं:

  • शराब से बचें: अत्यधिक शराब का सेवन एंग्जायटी के स्तर को बढ़ाता है, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि बहुत अधिक न पियें।
  • भरपूर नींद लें: नींद की कमी से तनाव और चिंता के स्तर बढ़ सकती है, इसलिए यदि संभव हो तो रात में कम से कम 7 घंटे कि नींद अवश्य लें।
  • गहरी साँस लें: गहरी साँस लेने से भी तनाव और चिंता को दूर करने में मदद मिल सकती है। इसलिए दिन में कम से कम 5 से 10 मिनट गहरी सांस लेने की कोशिश करें।
  • स्वस्थ भोजन करें: एंग्जायटी को कम करने का एक और बढ़िया तरीका है, बहुत सारे पोषक तत्वों वाले अच्छे खाद्य पदार्थ खाना। जब हम एक संतुलित आहार खाते हैं जिसमें ताजे फल और सब्जियां, साबुत अनाज, फलियां, नट और बीज शामिल होते हैं, तो हमें विटामिन और खनिज मिलते हैं जिनकी हमारे शरीर को आवश्यकता होती है। इसलिए आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर भोजन खाने से संपूर्ण मानसिक स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है।
  • व्यायाम: व्यायाम चिंता को रोकने या ठीक करने का एक प्रभावी तरीका है। केवल 30 मिनट का मध्यम व्यायाम (जैसे चलना) चिंता को कम करने में मदद कर सकता है।

चिकित्सा सहायता कब लें?

कुछ लोग जो एंग्जायटी डिसऑर्डर से पीड़ित होते हैं उन्हें घरेलू उपचार से राहत जाती है। जबकि अन्य लोगों को इलाज की जरूरत पड़ती है। यदि आप अपनी एंग्जायटी को नियंत्रित नहीं कर पा रहे हैं या एंग्जायटी गंभीर हो गयी है तो जल्द से जल्द किसी अच्छे मानसिक चिकित्सक से संपर्क करें। इसके अलावा यदि आपको लगता है की आपकी एंग्जायटी किसी अन्य शारीरिक समस्या की वजह से है, तो अपने चिकित्सक से संपर्क करें जो शारीरिक समस्या को ठीक करने में आपकी सहायता करेगा।

मानसिक स्वास्थ्य एक ऐसी चीज है जिसे कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए, खासकर तब जब आप एंग्जायटी से जूझ रहे हैं। अपनी चिंता को कम करने के लिए सबसे अच्छी चीजों में से एक यह है कि आप इसे नियंत्रित करें। कुछ आसान चीजें हैं जिन्हें आप घर पर कर सकते हैं जो एंग्जायटी को कम करने में मदद करेगी जैसे योग करना, गहरी सांस लेना, बाहर जाना, व्यायाम करना और परिवार तथा दोस्तों के साथ समय बिताना।

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